चुनाव बाद योगी का फुल एक्शन, बागी ओमप्रकाश राजभर पर करवाई
लखनऊ। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपनी कैबिनेट के बागी उम्मीदवार ओम प्रकाश राजभर पर कार्रवाई के बाद अब उनके बेटे और पार्टी के अन्य सदस्यों के खिलाफ एक्शन लिया है।

योगी ने ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर के साथ ही उनकी पार्टी के 7 सदस्यों को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गठित समितियों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांग जन कल्याण मंत्री ओम प्रकार राजभर को मंत्रिमंडल से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। राज्यपाल ने सोमवार को राजभर को बर्खास्त करने वाली सिफारिश को स्वीकार कर लिया।

लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के लेकर राजभर लगातार भाजपा के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। उन्होंने कथित रूप से भाजपा नेताओं को मां की गाली तक दे डाली थी। राजभर ने अपना इस्तीफा भी मुख्यंमत्री को दिया था लेकिन चुनाव के मद्देनजर सरकार की तरफ से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा था।

इससे पहले इस्तीफे की बात पर राजभर ने कहा कि उन्हें पहले ही पता था कि सरकार चुनाव खत्म होने के बाद यह कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा से जब सीटों के बंटवारे के लिए कहा तो उन्होंने मुझे भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी। राजभर ने कहा कि वे ऐसा कैसे कर सकते थे। ऐसा करने पर उनकी पार्टी का अस्तित्व ही खत्म हो जाता।

सीएम योगी के निर्णय का स्वागतः इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने सीएम योगी को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने के निर्णय लेने का स्वागत किया। राजभर ने कहा कि सीएम ने अच्छा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सीएम ने सामाजिक न्याय समिति का गठन किया और उसकी सिफारिशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया।