दृष्टिहीन अरुण कुमार चौरसिया ने किया कमाल, उप्र बीएड परीक्षा में दूसरे टॉपर बने

नेत्रहीन छात्र अरुण कुमार चौरसिया ने बीएड 2019 में 88.41 फीसद अंक प्राप्त कर उप्र में रहे दूसरे टॉपर
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आंखों की रोशनी नहीं तो क्या हुआ? हम किसी से कम नहीं। कुछ इसी तरह के संकल्प को साकार कर दिखाया है चौरसिया समाज के एक होनहार मेधावी दृष्टिहीन छात्र अरुण कुमार चौरसिया ने।
बीएचयू से एमए द्वितीय सेमेस्टर के दृष्टिहीन छात्र अरुण कुमार चौरसिया जिन्होंने राज्य स्तरीय बीएड संयुक्त परीक्षा 2019 में वह कमाल कर दिखाया है, जिसे लोग ताजुब्ब कर खूब चर्चा कर रहे हैं। नेत्रहीन होने के बावजूद उन्हें B.Ed परीक्षा में 88. 41 फीसद अंक प्राप्त हुआ और प्रदेश में दूसरा रैंक प्राप्त हुआ।


सूबे में दूसरा स्थान हासिल करने वाले दृष्टिहीन अरूण मूलत: महाराजगंज के निवासी हैं। पिता शारदा प्रसाद चौरसिया कृषक हैं। वहीं माता गंगोत्री देवी गृहणी हैं। हाईस्कूल व इंटर अरूण ने गोरखपुर से किया। वर्ष 2013 में बीए करने बीएचयू चले आए। वर्तमान में मध्यकालीन इतिहास से एमए कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हॉस्टल के सहपाठियों ने काफी सहयोग किया। उन्होंने पाठ्य सामग्री का आडियो उपलब्ध कराया। मित्रों व परिवारजनों के सहयोग से ही शिक्षक बनने का सपना साकार हुआ है।


बता दें कि 15 अप्रैल 2019 को हुई बीएड परीक्षा 2019 में कुल 5,66,400 अभ्यार्थी शामिल हुए थे। इसमें अरुण कुमार चौरसिया ने पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल कर यह साबित कर दिखाया कि चौरसिया समाज की मेधा शक्ति कमजोर नहीं है। हम अंधे होकर जब प्रदेश में टॉपर बन सकते हैं, तो दो आंख वाले चौरसिया समाज के बच्चे  परीक्षाओं में टॉपर बनेंगे और कामयाबी का परचम लहराएंगे।