एनजीटी का सख्त रुख, गाजियाबाद नगर निगम पर ठोका 25 लाख का जुर्माना

गाजियाबाद। एनजीटी ने इंदिरापुरम शक्ति खंड में सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा डालने के मामले में नगर निगम पर पच्चीस लाख का जुर्माना लगाया है। इस मामले में एनजीटी ने कहा है कि नगर निगम ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया और बिना कूड़े के निस्तारण के ही सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा डाल रहा था।


इस मामले में सारिका त्यागी एवं संजीव भटनागर ने एनजीटी में याचिका दायर कर रखी थी जिसमें कहा गया था कि शक्ति खंड में सार्वजनिक स्थल पर ही नगर निगम द्वारा लगातार कूड़ा डाला डाला जा रहा था। इसकी वजह से यहां पर रहने वाले को काफी परेशानी हो रही है। कंफेडरेशन आॅफ ट्रांस हिंडन के महासचिव मोहन सांगवान ने कहा कि कूड़े का निस्तारण किए बिना ही लगातार एक ही स्थान पर कूड़े का ढेर जमा हो रहा था। इस वजह से अनेक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। इस मामले में सुनवाई के बाद एनजीटी ने अपना फैसला सुनाया।


एनजीटी ने अपने आदेश में लिखा है कि नगर निगम अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर सका। इसलिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संतुष्टि के लिए नगर निगम 25 लाख रूपये पीसीबी में जमा कराए और दो माह में व्यवस्था को दुरुस्त कर रिपोर्ट प्रेषित करें अन्यथा 25 लाख रुपये की राशि जब्त कर ली जाएगी। इस मामले की सुनवाई में एनजीटी फोरम के सदस्यों में चेयरमैन आदर्श कुमार, जस्टिस एसपी वाग्दी, जस्टिस रामाकृष्णम एवं विशेष सदस्य के रूप में नागिन नंदा शामिल रहीं।