गो-सेवा से आती है समृद्धि

भारतीय दर्शन में गो-धन की बड़ी महिमा कही गई है। यह पूरे राष्ट्र की समृद्वि की प्रतीक बनी रही हैं। अनादिकाल से मानवजाति गौमाता की सेवा कर अपने जीवन को सुखी, सम्रद्ध, निरोग, ऐश्वर्यवान एवं सौभाग्यशाली बनाती चली आ रही है। गौमाता की सेवा के माहात्म्य से शास्त्र भरे पड़े है। यह तो सभी जानते हैं कि हिन्दू धर्म में गाय को पवित्र माना गया है, इसकी पूजा की जाती है, इसकी सेवा की जाती है, लेकिन क्यों? क्या यह महज़ मान्यता है या इसके पीछे कोई कारण भी है? वर्षों से हो रहे रीति-रिवाज़ हमेशा ही निभाए जाते हैं।


तीर्थ स्थानों में जाकर स्नान दान से जो पुन्य प्राप्त होता है, ब्राह्मणों को भोजन कराने से जिस पुन्य की प्राप्ति होती है। सम्पूर्ण व्रत-उपवास, तपस्या, महादान तथा हरि की आराधना करने पर जो पुन्य प्राप्त होता है। सम्पूर्ण प्रथ्वी की परिक्रमा, सम्पूर्ण वेदों के पढने तथा समस्त यज्ञो के करने से मनुष्य जिस पुन्य को पाता है। वही पुन्य बुद्धिमान पुरुष गौ माता को ग्रास खिलाकर प्राप्त कर लेता है।


आज के युग में भी लोग प्राचीन रिवाज़ों का पालन कर रहे हैं, लेकिन हर कोई इन रिवाज़ों का महत्व और उद्देश्य नहीं जानता। तो गाय की पूजा क्यों की जाती है? और इसका उद्देश्य क्या है, क्या महत्व है? गौ पूजा से हमें क्या लाभ मिलता है। हमारा आज का ये ख़ास टॉपिक इसी विषय को लेकर है। यहां हम गाय से संबंधित कुछ ऐसे ज्योतीष उपाय भी बताएंगे, जिन्हें करने से आपके जीवन में सुख एवं संपदा की वर्षा होगी।


हिन्दू धर्म में मान्यताओं के अनुसार गाय पवित्र और माता का दर्जा प्राप्त है। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार गाय में 64 करोड़ देवी देवताओ का निवास होता है। यानी की सर से लेकर पूछ तक गाय को पवित्र माना जाता है। गाय के सभी अंगो को अविरल काशी की उपाधि दी जाती है। पवित्र गाय माता की पूजन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण होता है। 


हिन्दू धर्म के महानतम ग्रंथ महाभारत में गौ पूजा से संबंधित कुछ बातें उल्लेखनीय हैं। इसी के आधार पर कहा जाता है, कि जो ब्यक्ति गाय माता(हिन्दू धर्म में माता की उपाधि) की सेवा और सभी तरह से उसका अनुगमन करता है। उससे संतुष्ट होकर गौएं उसे अत्यन्त दुर्लभ वर प्रदान करती हैं।


अगर आपको भी पूरी मेहनत के बाद उचित सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो रोज सूखे आटे में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर गाय को खिलाएं। ऐसा नियमित रूप से करें। गाय को शास्त्रों के अनुसार पूजनीय एवं पवित्र माना गया है। गाय में ही सभी देवी-देवताओं का वास है और इसकी पूजा करने से भक्त को भाग्य का साथ मिलता है।


यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से गौमाता की सेवा करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। गाय को सूखे आटे में हल्दी मिलाकर खिलाने से गौमाता प्रसन्न होती हैं। यह भी कहा गया है कि गौओं के साथ मन से भी द्रोह न करें, उन्हें सदा सुख पहुंचाएं, उनका दिल से सत्कार करें और नमस्कार आदि के द्वारा उनका पूजन करते रहें। जो मनुष्य इन बातों का पालन करता है वह जीवन में सुख एवं समृद्धि का भागी होता है।


एक अन्य उपाय के अनुसार हर बुधवार सुबह जल्दी उठें और नहाने के बाद हरे रंग वस्त्र धारण करें। सुबह-सुबह ही गाय को हरी घास खाने को दें या किसी हाथी को गन्ना खिलाएं। इस उपाय से श्रीगणेश के साथ ही सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त हो जाती है। कुंडली के दोष शांत हो सकते हैं।


ज्योतिष शास्त्र में गोधूलि नामक एक योग होता है, यह योग गाय से संबंधित है। इस योग के संदर्भ में ऐसा माना जाता है कि यदि किसी के विवाह के लिए उत्तम मुहूर्त नहीं मिल रहा है या फिर भविष्य में किसी के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आने के संकेत हैं और उन्हें दूर करना चाहते हैं तो गोधूलि योग में वर-वधु का विवाह करें।


अगर न्यायालय में विवाद सुलझ नहीं रहा हो तो मंगलवार या शनिवार को यहां बताया जा रहा उपाय करें। उपाय के अनुसार हर मंगलवार या शनिवार के दिन किसी काले रंग की गाय को कच्चा दूध पिलाएं। गाय को हरी घास खाने को दें। इससे न्यायालय के विवाद में समझौता या विजय प्राप्त होगी।


ध्यान रखें गाय को कभी भी झाड़ू से न मारे। ये अपशकुन है और इसकी वजह से दुर्भाग्य का सामना करना पड़ता है। गाय की सेवा करें। घर में जब भी खाना बने, पहली रोटी गाय को खिलाएं। साथ ही, ध्यान रखें अधार्मिक कामों से बचें।


यदि आप किसी महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं और चाहते हैं कि सफल होकर ही लौटें तो जाने से पहले गाय को भोजन कराकर जाएं। और यदि यात्रा पर निकलते समय अचानक रास्ते में कोई गाय सामने पड़ जाए अथवा बछड़े को दूध पिलाती हुई सामने दिख जाए तो भी यात्रा सफल हो जाती है।