पीएमओ हाऊस सामाजिक योजनाओं को जमीनी रूप देने के लिए निगरानी तंत्र बनाएगा

नई दिल्ली। सामाजिक योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने और समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय सख्त निगरानी तंत्र बनाएगा। मंत्रालयों को प्राथमिकता के आधार पर साप्ताहिक, पाक्षिक व मासिक रिपोर्ट योजनाओं की देनी होगी। शपथग्रहण से ठीक पहले मंत्रालयों को प्रमुख योजनाओं को गति देने और समयबद्ध लक्ष्य के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। वर्ष 2022 व 2024 के लिए तय लक्ष्य को समय से पूरा करने के लिए बेठकों का दौर भी शुरु हो गया है।
नए मंत्री का इंतजार किए बिना काम शुरु
मंत्रालयों में नए मंत्री का इंतजार किए बिना प्रधानमंत्री को योजनाओं की प्रगति और भावी कार्ययोजना से अवगत कराने के लिए प्रेजेंटेशन तैयार हो रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद संभव है कि प्रधानमंत्री स्वंय सभी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए बैठक करें। आचार संहिता की वजह से जिन योजनाओं को विराम दिया गया था उनपर फिर से तेजी से काम शुरु करने को कहा गया है।
किसानों को मिलेगी बकाया राशि
किसानों को राहत देने के लिए किसान सम्मान योजना में बचे किसानों को रहात राशि देने, गरीबों के लिए बनाए जा  रहे आवासों की अगली किश्त जारी करने और आजीविका मिशन, मुद्रा आदि के तहत ऋण उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं पर मंत्रालयों ने आगे का खाका तैयार कर लिया है।
मिशन बंगाल पर फोकस
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शपथ के बाद कश्मीर, पूर्वोत्तर सहित राज्यवार योजनाओं को लेकर विस्तृत खाका पर अधिकारियों से चर्चा करेंगे। बंगाल से जुड़ी योजनाओं पर खास नजर होगी। बंगाल में ठप पड़ी आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य योजनाओं को गति देने का खाका बनाया जा रहा है। केंद्रीय योजनाओं पर राज्यों के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए भी खाका तैयार होगा।
काम पर रिपोर्ट
पीएमओ पिछली सरकार के दौरान तय किए गए विजन पर मंत्रालयों के काम के आधार पर नौकरशाहों की परफार्मेंस रिपोर्ट भी तैयार करेगा। जिन मंत्रालयों का काम सुस्त पाया गया उन अधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है।
इन योजनाओं पर आगे बढ़ने का खाका
चुनाव के दौरान किए गए वादों को आगे बढ़ाने के लिए भी मंत्रालयों को भाजपा के घोषणा पत्र की प्रति मिलेगी। किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख तक के लोन पर पांच साल तक ब्याज नहीं देने, 60 साल से ज्यादा उम्र वाले व्यापारियो व छोटे दुकानदारों को पेंशन, 2024 तक केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों जैसे 200 नए स्कूल, छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन के अलावा पहले घोषित हो चुकी आयुष्मान भारत, आवास योजना व बिजली व गैस सिलेंडर घर घर पहुंचाने का लक्ष्य पर नया विजन पत्र तैयार होगा।