प्राधिकरण द्वारा डूब क्षेत्र में बने गोशाला में ईलाज के अभाव में एक गाय मरी, तो दूसरी भूख से

नोएडा।  गाँव वाजिदपुर सेक्टर 135 के डूब क्षेत्र में बनी गौशाला में  एक गाय की मृत्यु गौशाला मे डॉक्टर नहीं होने के कारण हो गई। यह गाय बच्चा देते समय मृत हुई।


समाज सेवी अशोक चौहान ने बताया कि गौऊशाला में डॉक्टर नहीं था। ईलाज समय पर नही हुआ, इसलिए गाय मर गई। मृत गाय को गाडी से खींचकर गढ्ढे तक दबाने के लिए ले जाया गया तो कुछ दूरी दूसरी गाय भी मृत पडी थी। उन्होंने  जब  वहां के कर्मचारी से पूछा तो पता चला की यह गाय भूख से मर गई। कर्मचारी ने बताया कि यहां हर सप्ताह एक दो गाय मर जाती है।


उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्राधिकरण गायों के लिए गोशाला बनाया है तो गौऊशाला में गायो की देख-रेख ठीक से क्यों नहीं हो रही है? गौऊशाला में स्थाई डॉक्टर क्यों नहीं रखा गया है?


 यहां सवाल यह उठता है कि प्राधिकरण द्वारा बनाए गए गौशाला में इस तरह की अव्यवस्था क्यों है? क्या प्राधिकरण  गौ सेवा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है?


जबकि यहां गायों की हालत बदहाल बताई जाती है। योगी सरकार का साफआदेश है कि गायों की हिफाजत और रक्षा करने में कोई कोताही न बरती जाए, लेकिन नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी गाय और गोशाला के प्रति संवेदन शील नहीं हैं। जिस अधिकारी की देखरेख  में यह गोशाला है उनकी लापरवाही साफ झलक रही है।