भारतीय किसान यूनियन( भानु ) का हरिद्वार में तीन दिवसीय चिंतन शिविर सम्पन्न

 


हरिद्वार।  हरिद्वार में देश के किसानो की विभिन्न समस्याओ को लेकर आज अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया तथा तीन दिवसीय चिंतन शिविर संपन्न हुआ। शिविर में  पूरे देश से हज़ारों की संख्या में किसान मौजूद रहे।


पंचायत की अध्यक्षता स्वामी शुशीलानंद महाराज व संचालन मुख्य राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्र प्रसाद शास्त्री ने किया ।
शिविर में पंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्य़क्ष ठा०भानुप्रतापसिहं ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय गुमराह करने काम कर रही है। स्वामीनाथन आयोग की शिफारिश को लागु नहीं किया गया है जिसमें फसल की लागत का डेढ गुना का सुझाव दिया गया है।


उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों को गऊ वंश व जंगली जानवर नष्ट कर रहे हैं  जिसका आज तक स्थाई समाधान नहीं किया गया है। किसानों व मजदूर के बच्चों के लिए रोजगार की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। गन्ना किसानों का रेट नहीं बढाया जा रहा है। उलटे चीनी मिल किसानों का बकाया नहीं दे रहे हैं।


उन्होंने कहा कि हर किसान की साठ वर्ष की आयु होने पर पाँच हजार महावार पेंशन का वादा अप्रैल 2016 को पंजाब में  प्रधानमंत्री ने किया था जिसे आज तक पूरा वहीं किया गया है।  सिर्फ़ दो हेक्टेयर तक के किसानों को मात्र 6 हजार सालाना जो कि ऊंट के मुँह में जीरा देकर सभी किसानों में भेदभाव किया है।
राष्ट्रीय महासचिव बेगराज गुर्जर ने कहा कि प्रदेश के सभी प्राधिकरण किसानों का शोषण कर रहे हैं। उत्तरप्रदेश में  मुख्यमंत्री से मिलकर सभी समस्याओं का ज्ञापन देने के बावजूद निराकरण नहीं किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि किसानों के पास आंदोलन करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं है। भारतीय किसान यूनियन भानु ने गंगा के द्वार पर संकल्प लिया है व आगे की योजना बनाते हुए एलान किया कि प्रदेश व देशव्यापी किसानों को संगठित कर बड़ा आंदोलन किया जाएंगे।
प्रदेश महामंत्री बीसी प्रधान ने कहा कि पूरे देश व प्रदेश के किसानो को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। सरकार किसान की समस्याओ की अनदेखी कर रही है। फ़सलो का दाम नही मिल रहा है जिससे किसान क़र्ज़ मे डूबकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं।  किसानो के साथ घोर अन्याय है जिसे भारतीय किसान यूनियन भानु बर्दाश्त नहीं करेगी ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जगबीर सांगवान, अजब सिंह कसाना, हरीश ठेनुआ, बलराज भाटी, पवन हूण, बीरसिंह सहरावत,राजेन्द्र नागर, अरूण शर्मा, प्रेमसिह भाटी, सतवीर सिंह,अनिल बैसोया, महकार नागर ,राजकुमार नागर इत्यादि शामिल रहे।