बिहार में भीषण गर्मी की प्रकोप से 265 लोगों की मौत, मरनेवालों के लिए लकड़ियां भी पड़ रही कम
नोएडा। बिहार में भीषण गर्मी का कहर अब भी जारी है। लू लगने से वहां के लोगों की हालत काफी खराब हैं। आंकड़ों के मुताबिक, लू की वजह से 4 दिन में अब तक 265 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने गंभीर हैं कि वहां उनके दाह संस्‍कार के लिए लकड़ियां भी कम पड़ रही हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक महज 83 लोगों की मौत हुई है।

लगातार हो रहीं मौतें: 

मंगलवार को नालंदा जिले के खानपुर गांव निवासी शैलेंद्र पासवान की मां फुलवा देवी (75), कतरीसराय के सैदी गांव के मकेश्वर उर्फ मुकेश सिंह की मां सावित्री देवी (75), सिलाव प्रखंड के नीरपुर ताजुबिगहा के नरेश मांझी, लोदी पकरीसराय के कैलू पासवान व गोविंदपुर के दशरथ मांझी की जान लू ने ले ली। वहीं, वैशाली में मोहनपुर पंचायत के जयबल्ली ठाकुर (62) व बेलसर ओपी क्षेत्र के अफजलपुर मिशौलिया गांव निवासी हरेंद्र महतो (50) की भी लू लगने से मौत हो गई। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले औरंगाबाद और गया जिले में सामने आ रहे हैं, जहां मंगलवार को क्रमश: 5 व 4 लोगों के मरने की खबर 

धारा 144 लागू: लू के कहर को देखते हुए कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। इनमें गोपालगंज, सीतामढ़ी, बेगूसराय सहित कई जिले शामिल हैं। वहीं, श्रम विभाग ने आदेश दिया है कि कोई भी श्रमिक सुबह 11 से शाम 4 बजे तक काम नहीं करेगा।

 

गया में 300 लोगों का हुआ अंतिम संस्कार:

गया जिले में लू का कहर सबसे ज्यादा है। यहां हालात इतने गंभीर हैं कि विष्णुपद श्मशान घाट पर पिछले तीन दिनों में अब तक करीब 300 शवों का दाह संस्कार किया जा चुका है। एक चिता पूरी तरह से सजती नहीं है कि उससे पहले ही दूसरा शव श्मशान घाट पर पहुंच जाता है।