चौरसिया समाज के महान रंगकर्मी व गौरव हैं उमेश कुमार चौरसिया


 


अजमेर के प्रसिद्ध रंगकर्मी  एवं नाटककार  उमेश कुमार चौरसिया को उनके लोकप्रिय नाट्य कृति और शौर्य प्रधान नाटक के लिए उन्हें दर्जनों पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में कार्यरत उमेश कुमार चौरसिया ने तकरीबन 65 से अधिक हिंदी व राजस्थानी  नाटकों की रचना की है। इनकी उन्नीस नाट्य कृतियां और ग्यारह संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई है। उन्हें इस महान कृति के लिए अनेक राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।


 उनकी  एक प्रसिद्ध कृति  स्वामी विवेकानंद के 10 सूत्र भी प्रकाशित हुई है, जिसमें चौरसिया समाज के उन बच्चों के लिए भी कई प्रेरणात्मक ऐसे महत्वपूर्ण संदेश है जो सफलता की चमचमाती शानदार सीढ़ियां चढ़कर  अपने माता- पिता , परिवारजनों, गांव- समाज, राज्य एवं देश- विदेश में अपना नाम रोशन करना चाहते हैं। 


 

जीवन में प्रत्येक व्यक्ति सफलता के शिखर को चूमना चाहता है। सफलता यूं ही नहीं मिल जाती। उसके लिए सतत कर्म करना पड़ता है। कर्म क्या है? इसकी आवश्यकता क्यों है? और इसे किस प्रकार किया जाए? इस विषय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कृति है विवेकानंद के 10 सूत्र। इस कृति में सफलता के सूत्र दिए गए हैं।
आलोच्य कृति के लेखक हैं, बाल रंग मंच को समर्पित नाटककार और रंगकर्मी उमेश कुमार चौरसिया। चौरसिया बचपन से ही स्वामी विवेकानंद से प्रभावित रहे हैं। इसीलिए उन्होंने उनके शक्तिदायी विचारों को 10 सूत्रों में समाहित करके, कुछ प्रेरक प्रसंगों और कहानियों के माध्यम से प्रेरित करने व मार्गदर्शन का स्तुत्य प्रयास किया है।
सरल भाषा में लिखी गई, यह कृति पाठकों को प्रभावित करने में पूर्ण रूप से सक्षम है। जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको, काम, काम, काम बस इसी को आदर्श मानो, भागो मत सामना करो, पूर्ण एकाग्रता से लक्ष्य साधो, दुर्बल नहीं सबल बनो, आत्मविश्वास को दृढ़ रखो, राष्ट्र सेवा का कर्तव्य निभाओ, दूसरों को दोष मत दो, स्वाभिमानी बनो और उदार बनो और सेवा करो आदि सूत्रों को लेखक ने महापुरुषों के नाम और सफलतम व्यक्तियों के उदाहरण देकर रोचक व प्रेरणादायक बना दिया है।
आलोच्य कृति में स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु स्वामी श्रीरामकृष्ण परमहंस के जीवन से संबंधित घटनाओं का वर्णन, निश्चित तौर पर पाठकों के जीवन को नई दिशा देगा। यह पुस्तक केवल पठनीय ही नहीं है बल्कि इस पर चिंतन करके मानव शांत और सुखमय जीवन व्यतीत कर सकता है।


 ( हम क्रमशः उमेश चौरसिया के उपलब्धि को तीन भागों में प्रकाशित करेंगे। हमें उम्मीद है कि चौरसिया समाज के लोग ऐसे प्रतिभशाली व्यक्तित्व के प्रति आदर भाव प्रकट करते हुए एक लाईक जरूर करें। आपका बहुत- बहुत धन्यवाद !)