एकतरफा प्यार की बलि चढ़ गई सौम्या पुष्करण, मोमबत्ती गैंग मौन

 नई दिल्ली। इन दिनों आग कहीं और लगती है और उसका धुंआ हमारे भारत में उठता है। सुदूर कहीं सीरिया या ईरान में कुछ हो तो बुद्धिजीवियों में विलाप शुरू हो जाता है। मगर भारत में ही कोई घटना हो, या फिर कुछ ऐसा हुआ हो जिसमें उनकी आवाज़ की ज़रूरत हो तो वह नदारद मिलेगी। गत शनिवार को केरल में एक भयावह घटना हुई, जिसकी जितनी निंदा की जाए उतनी ही कम है, मगर हमारे बुद्धिजीवी शांत हैं, इतने शांत जैसे कुछ हुआ नहीं, इतने शांत कि पानी में कोई कंकड़ भी नहीं गिरा हो जैसे !


केरल में सौम्या पुष्पकरण के लिए वह दिन भी बहुत आम दिन था, जब वह पुलिस स्टेशन के लिए निकली होगी। मगर उसे नहीं पता था कि आज का दिन उसका आख़िरी दिन होगा, आज वह अपने बच्चों से अंतिम बार मिल रही है! सौम्या एक सिविल पुलिस अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। उनके तीन बच्चे थे।


सौम्या के साथ काम करने वाला मोहम्मद एजाज, जो सौम्या से एकतरफा प्यार करता था, उसने बहुत ही निर्दयता से सौम्यता की हत्या कर दी! मुम्बई मिरर की खबर के अनुसार एजाज सौम्या से शादी करना चाहता था, मगर सौम्या ने बार बार उसे मना कर दिया। इस इनकार के कारण वह सौम्या से चिढ गया और उसने सौम्या से बदला लेने का तय किया। यह बदला इतना वीभत्स होगा, यह सौम्या ने सोचा नहीं होगा।


एजाज एक कार लेकर आया और उसने उस कार से सौम्या के स्कूटर में टक्कर मारी। जब सौम्या के स्कूटर का नियंत्रण डगमगाया तो उसने भागने का प्रयास किया, मगर बदले में एजाज ने उसे पहले तो चाकू और कुल्हाड़ी से वार कर घायल किया और फिर उस पर कैरोसीन का तेल डालकर आग लगा दी! यह सब होता रहा सडक पर और लोग देखते रहे! एजाज ने भी खुद को बाद में आग लगाकर जला लिया!


सौम्या की मृत्यु अस्पताल ले जाने के दौरान ही हो गयी जबकि एजाज ने आज दम तोडा!


प्रश्न यह है कि यह कैसा प्यार है जो आप उसके द्वारा इनकार नहीं झेल सकते? यह कैसा प्यार है जो एक शादीशुदा स्त्री को उसका परिवार तोड़ने के लिए बाध्य करता है, यह कैसा प्यार है जो उसी शरीर को जलाने से पहले एक बार भी नहीं सोचता कि इसी से मैंने प्यार किया था?


यह कैसा प्यार है, इसे सब कुछ कहिये, मगर प्यार नहीं है यह!


और एक बार फिर से दिल्ली इस वीभत्स काण्ड पर मौन है, चुनिन्दा मामलों पर शोर मचाने की मानसिकता से दिल्ली को उबरना होगा, और सौम्या जैसी स्त्रियों के लिए भी शोर मचाना होगा, एजाज हालांकि मर चुका है, मगर यह भी ध्यान रखा जाए कि उसकी इस जिद्द की बलि सौम्या चढ़ चुकी है।