उप्र में 10 दिनों में बच्चियों के साथ दरिंदगी की 10 घटनाएं, कानून व्यवस्था की खुली पोल
 

 

लखनऊ। बीते कुछ दिनों में यूपी में बच्चियों के साथ रेप की कई घटनाएं घटी है. दर्ज मामलों की बात करें तो बीते दस दिनों में बच्चियों से दरिंदगी की यह 10वीं वारदता है.

 

इस तरह का पहला मामला 30 मई को टप्पल सामने आया था. जहां ढाई साल की बच्ची से रेप के बाद उसे मार दिया गया, इसके बाद चार जून को मेरठ में नौ साल की बच्ची से पहले रेप और बाद में उसकी हत्या कर दी गई, पांच जून को बाराबंकी में एक पड़ोसी आठ साल की बच्ची से रेप किया, वहीं सात जून को बरेली में एक आठ साल की बच्ची रेप की घटना सामने आई, इसी तरह आठ जून को वाराणसी में दस साल की बच्ची से रेप की शिकायत दर्ज कराई गई, इसी तरह आठ जून को हमीरपुर में 11 साल के बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई, आठ जून को ही जालौन में सात साल की बच्ची से रेप की घटना हुई. यूपी में हो रही एक के बाद एक घटनाओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की पोल दी है.

 

गौरतलब है कि अलीगढ़ के टप्पल इलाके में बच्ची के साथ हुई हत्या मामले में पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए थे. पुलिस के मुताबिक बच्ची की हत्या उसके पड़ोसियों ने की थी. दरअसल बच्ची के दादा के साथ उधार के पैसों को लेकर आरोपियों का विवाद चल रहा था. अलीगढ़ पुलिस के मुताबिक, 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ है कि बच्ची का रेप नहीं हुआ था. उसके हाथ और पैर टूट गए थे. बच्ची के परिवार ने आरोप लगाया था कि बच्ची की आंख निकाली गई थी पर ऐसा नहीं हुआ था. लेकिन बच्ची के परिवार को ऐसा इसलिए लगा क्योंकि उसका शरीर बुरी तरह से नष्ट किया गया था.' पुलिस का कहना था कि आरोपियों ने बच्ची की हत्या बदले की भावना से की थी. पुलिस के मुताबिक जाहिद ने मृत बच्ची के दादा से 50 हजार रुपए का लोन लिया था, और उस पर 10 हजार रुपए अभी भी बकाया था. इसी मसले पर दोनों के बीच बच्ची की किडनैपिंग से 2 दिन पहले लड़ाई भी हुई थी. बच्ची के घर वालों के मुताबिक जाहिद अपने अपमान का बदला लेना चाहता था.'

 

पुलिस ने कहा था कि हम इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत करेंगे और इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजेंगे.' बता दें कि एक ढाई साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और फिर क्षत-विक्षत शव को कूड़े में फेंक दिया गया था. इतनी घिनौनी और भयावह वारदात के पीछे की वजह महज 10,000 रुपये है. तीन दिन बाद घर के पास के कूड़ाघर में बच्ची का शव मिला था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची की हत्या गला घोटकर की गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. 

 

मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से मौके पर बड़े पैमाने पर पुलिस बल को तैनात किया गया था. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने गुरुवार को बताया था कि गत 31 मई को टप्पल से लापता हुई तीन साल की बच्ची का क्षत-विक्षत शव गत दो जून को उसके घर के पास एक कूड़े के ढेर में दबा पाया गया था. बच्ची के पिता की शिकायत पर जाहिद और एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था.

उनसे पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपियों का बच्ची के पिता से धन के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था. कुलहरि ने बताया था कि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से रेप की बात सामने नहीं आई है.  उसकी गला दबाकर हत्या की गयी है. उन्होंने कहा था कि वारदात की गम्भीरता को देखते हुए दोनों अभियुक्त पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाए जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है. मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कराये जाने की भी प्रक्रिया शुरू की गयी है. कुलहरि ने बताया था कि मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से कल पैदा हुए तनाव के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.