यूं ही नहीं कहा जाता आईपीएस अधिकारी डॉ.अजयपाल शर्मा को एनकाउंटर स्पेस्लिस्ट, रेपिस्ट को दौड़ाकर मारी गोली

रामपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर स्पेसलिस्ट में आईपीएस अधिकारी डॉ. अजयपाल शर्मा को सबसे खतरनाक समझा जाता है। बदमाश भी यही मनाते हैं कि उनका अजयपाल शर्मा से मुठभेड़ न हो। अगर बदमाशों के साथ उनका मुठभेड़ हो जाय तो बदमाशों का खैर नहीं।


 शनिवार को सूबे के रामपुर में पुलिस और बच्ची के रेप के बाद हत्यारोपी नाजिल के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान  नाजिल को तीन गोलियां लगीं और वह घायल हो गया। नाजिल पर 6 साल की मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या करने का आरोप है। शनिवार को पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया।


यह बच्ची 6 मई को गायब हो गई थी और अब उसका शव बरामद हुआ। रामपुर के कप्तान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा ने नाजिल का एनकाउंटर किया। इसमें नाजिल घायल हो गया है।


उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से अपराधियों के ताबड़तोड़ एनकाउंटर जारी है। योगी सरकार इन एनकाउंटरों को अपनी उपलब्धि बताती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता संभालने के बाद से अब तक 3027 से ज्यादा एकाउंटर हो चुके हैं। इनमें से करीब 80 अपराधी मारे जा चुके हैं, जबकि करीब 850 अपराधी घायल हुए हैं।


डॉ. अजय पाल शर्मा को एनकाउंटर स्पेसलिस्ट कहा जाता है। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने शामली जनपद में रहते हुए बदमाशों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी।


प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया, तो शामली एसपी ने ही सबसे पहले दो बदमाशों का एनकाउंटर किया था।


गाजियाबाद एसपी सिटी रहते हुए की एनकाउन्टर की शुरूआत : 


आईपीएस डाॅ. अजय पाल शर्मा मथुरा के बाद गाजियाबाद पहुंचे। जहां उनको बतौर एसपी सिटी तैनात किया गया। यहां पर करीब एक साल की इस तैनाती में डाॅ. अजय पाल ने कई बड़े-बड़े खुलासे किए। उस दौरान यूपी में बदमाशों का एनकाउन्टर बन्द था, लेकिन इस पाबंदी के बावजूद भी आईपीएस डाॅ. अजय पाल ने लीक से हटकर कार्य करते हुए गाजियाबाद में कई एनकाउन्टर किये, जिनमें कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया।


डाॅ. अजय पाल ने यहीं से एनकाउन्टर की शुरूआत की और गाजियाबाद में क्राइम कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाई। गाजियाबाद में एसपी सिटी रहते हुए इस आईपीएस ने सिपाही राहुल ढाका की हत्या करने वाले मुकीम काला गिरोह के कुख्यात बदमाश 50 हजारी फिरोज उर्फ पव्वा को एक मुठभेड़ में उसके साथी के साथ दबोच लिया था। यह एनकाउन्टर 19 अक्टूबर 2015 को हुआ। जब एसपी सिटी डाॅ. अजय पाल शर्मा के निर्देशन में गाजियाबाद क्राइम ब्रांच व सिहानीगेट थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हालिस करते हुए एनकांउटर के बाद दुर्दांत अपराधी मुकीम काला गैंग के सक्रिय सदस्य व 50 हजार के इनामी बदमाश फिरोज उर्फ समीर उर्फ पव्वा को उसके साथी बदमाश इसरार के साथ गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली लगने से क्राइम ब्रांच में तैनात एक सिपाही भूपेन्द्र घायल हो गया था। आईपीएस डाॅ. अजय पाल शर्मा के अनुसार मुकीम काला अपने साथियों के साथ गाजियाबाद के अम्बेडकर रोड स्थित एक ज्वैलरी शोरूम में 'कैती की वारदात को अंजाम देने के लिए आया था।


अपराध पर खुद करते हैं काम, सर्विलांस पर कमांड : 


आईपीएस डाॅ. अजय पाल शर्मा छोटे से छोटे अपराध के खुलासे को लेकर भी खुद काम करते हैं, उसे चुनौती मानकर स्वीकार करने की उनकी आदत ही उनको दूसरे कई पुलिस कप्तानों की कतार से जुदा करती है। पुलिस कप्तान रहते हुए अजय पाल पुलिस के तकनीकी मुखबिर सर्विलांस पर खुद कमांड रखते हैं, अपराध पर खुद काम करते हैं, मुखबिर से उनका सीधा सम्पर्क रहता है और किसी भी मुठभेड़ को खुद लीड करते हैं, यही कार्यशैली उनको इस मुकाम तक लेकर आई है।


शामली में 22 जनवरी 2017 को एसपी के रूप में डाॅ. अजय पाल शर्मा ने एक बड़ा अभियान शुरू किया था। इस अभियान के पहले छह घंटे में ही शामली पुलिस ने 57 किलोग्राम डोडा (नशीला पदार्थ), 26 चोरी की बाइक, 15,700 लीटर कच्ची शराब, 97,000 लीटर लहन, एक शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 20 असलाह बरामद कर अपराधियों में हलचल मचा दी थी।


कई अपहरणकांड का कर चुके हैं खुलासा : 


इस आईपीएस की सफलता की कहानी सिर्फ यही नहीं है, 'दि रियल कमान्डर' अजय पाल शर्मा अपहरण कांड के खुलासे के एक्सपर्ट भी माने जाते हैं। गाजियाबाद के एसपी सिटी रहते हुए इन्होंने तीन बड़े चुनौतीपूर्ण अपहरण कांड का खुलासा किया था। पहला मामला विक्की त्यागी अपहरण कांड था। दूसरा मामला 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे के अपहरण से जुड़ा था, तो वहीं तीसरा मामला रेलवे कर्मचारी के बेटे के अपहरण की वारदात रही। इन तीनों वारदातों का खुलासा डाॅ. अजय पाल शर्मा ने एक चुनौती मानकर किया। साथ ही हाथरस में बतौर एसपी रहते हुए बस के यात्रियों का अपहरण करने की घटना के कुछ घंटे बाद में ही कुख्यात छोटे यादव गैंग को एनकाउंटर में दबोचने के बाद इस अपहरण कांड का खुलासा किया और यूपी पुलिस के किडनैपिंग केस के एक्सपर्ट बन गये।