मां लक्ष्मी सब पर हों सहाय

जनता नितान्त दीनां दुःसह दारिद्रय तापेन, 
कृत्वाकें सुख निलये लालये, त्वं लोकमातासि। 
       वेद के उपरोक्त श्लोक में मां लक्ष्मी से प्रार्थना की गई है कि हे मां, आम जनता बहुत ही दीन है गरीब है और नहीं सहने योग्य दरिद्रता के  ताप या दुख से दुखी है। अतः आप उसे गोद में ले लें अथार्त उसके गरीबी को समाप्त कर दें, क्यों कि आप लोक माता हैं। 



      दीपावली के शुभ अवसर पर हम माँ लक्ष्मी से प्रार्थना कर सकते हैं मां कृपा भी करेंगी ऐसा विश्वास है।
  पर क्या ऐसी ही आशा  भारत के नेताओं और अफसरों से कर सकते हैं कि वे सब भी जनता के गरीबी और भारत के विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार के द्वारा जनता के विकास के लिए दी जाने वाली राशि को जनता तक पहुंचने देंगे और विकास योजनाओं को समुचित ढंग से लागु करने की कृपा करेंगे।
 अगर ऐसा होता है तब अगले दसवर्षों भारत को विकसित देश बनने से कोई रोक नहीं सकता।
      हम तो प्रार्थना ही कर सकते हैं, भ्रष्टाचार को रोकना तो सरकार का काम, और अगर हर योजनाओं का निष्पक्ष जांच कराने का नियम बना दे और हर कार्यालय में  कार्य के प्रगति पर ध्यान दे और तदनुसार पुरस्कार और दंड की व्यवस्था करे तो सब ठीक हो सकता है।
  आप सभी को दीपावली की अनंंतमय व हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। माँ लक्ष्मी की कृपा आप सभी पर हो और वे धन, धान्य, आरोग्य और ऐश्वर्य प्रदान करें।
                        💐   शुभ दीपावली  💐


      सुरेश चौरसिया, पत्रकार - mob   9810791027.