फर्जी आधारकार्ड बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 7 पकड़े गये


 नोएडा। आज डिजिटल जमाना है, तो डिजिटल अपराध भी है। आधार कार्ड जैसे आईडी का फर्जीवाड़ा हो तो देश का भगवान ही मालिक है।


 बहरहाल, गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये बदमाश अधिकृत आईडी का प्लास्टिक का अंगूठा बनाकर पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से करीब 50 आधार कार्ड, 35,000 रुपये नकद और आधार कार्ड बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन बरामद की है.


 



पिछले दिनों आधार डेटा में सेंध, बायोमैट्रिक्स डेटा के दुरुपयोग और निजी जानकारी में सेंध की खबरें आई थीं. तब यूआईडीएआई ने कहा कि आधार के यूआईडीएआई डेटाबेस में कोई सेंध नहीं लगी है और यूआईडीएआई के पास लोगों का व्यक्तिगत डेटा बिल्कुल सुरक्षित है. लेकिन पुलिस की गिरफ्त में आये ब्रजेश कुमार शर्मा, कन्छीलाल शर्मा, सागर, रहीश अहमद, राहुल, जबर सिंह, मुनेन्द्र पर आरोप है कि फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाकर, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रहे थे. आरोपी लंबे समय से फर्जीवाड़ा कर रहे थे.एसपी ने बताया कि सूरजपुर कोतवाली पुलिस को फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने के संबंध में सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर सूरजपुर कोतवाली प्रभारी और क्राइम टीम प्रभारी ने टीम के साथ छापेमारी की.


छापेमारी के दौरान आरोपी मलकपुर में बने एक बैंक के पीछे कमरे में आधार कार्ड बनाते हुए मिले. कमरे के बाहर आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाने वाले लोगों की लाइन लगी हुई थी. पुलिस जांच में पता चला कि फर्जी तरह से आधार और पैन कार्ड बनवाए जा रहे थे. मौके से पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया.


हरियाणा का रहने वाला आरोपी राहुल इस फर्जीवाडे का मास्टर माइंड है. उसके नाम से बनी अधिकृत आइडी का प्रयोग फर्जीवाड़े में किया जा रहा था. राहुल एक दिन के सात हजार रुपये लेता था. प्लास्टिक का अंगूठा बनाकर पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था. एक महीने में आरोपी 4 लाख की कमाई करते थे.


इस गिरोह के काम करने के बारे एसपी ने बताया कि इस मुख्य आरोपी राहुल की अधिकृत आइडी पर दर्ज अंगूठे के निशान का प्लास्टिक अंगूठा आरोपियों ने बना लिया था. आरोपी यूआईडीएआई की वेबसाइट UIDAI.GOV.IN खोलकर उसे कैम्प मोड में डालकर और उस क्षेत्र का देशान्तर और अक्षांश डालकर आधार कार्ड और पैन कार्ड बनाता था.


चूंकि देशान्तर और अक्षांश रेखाए यूआईडीएआई से तुरन्त चैक नहीं की जाती थी. उसी का ये गिरोह फायदा उठाकर फर्जी आधार कार्ड बनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे मे डालता था.


इनके कब्जे से कब्जे से 50 प्लास्टिक के आधार कार्ड, 25 आधार कार्ड लेमिनेशन, 20 आधार बनवाने वाले फार्म, 18 पर्ची, 16 पेनकार्ड, 21 फर्जी फार्म खाली, दो प्लास्टिक के अंगूठे, 5 एडाप्टर, 2 माउस, 2 प्रिंटर, 5 लैपटॉप, 2 फिंगर मशीन, 2 लैंप, एक कीबोर्ड, एक क्रास मैच, 2 स्कैनर और 34 हजार 700 नकद बरामद किए गए है.