उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रदूषण बाबत डीएम को सौंपा 10 सूत्री ज्ञापन


नोएडा । पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण द्वारा 15 अक्टूबर से सभी प्रकार के डीजल जेनरेटर एवं लकड़ी ओर कोयले के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। इसी संदर्भ मे हो रही समस्याओं से अवगत कराने हेतु उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नोएडा इकाई द्वारा भूरे लाल अध्यक्ष प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के नाम जिलाधिकारी बी.एन. सिंह के द्वारा 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।



जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा पर्यावरण प्रदूषण के नियंत्रण के लिए यह स्वागत योग्य फैसला है परंतु उद्योगों ओर बाजारों की दुकानों के विधुत की पूर्ति करने में अभी जिला सक्षम नही है। नो पावर कट जोन में आज भी प्रतिमाह 45 से 60 घंटे बिजली नही रहती ऐसे में बिना जेनरेटर के कार्य करना संभव नही है इससे बाजारों मे लूट मार ओर छीना झपटी की घटनाओं मे इजाफा होगा और कानून व्यवस्था खराब होने का खतरा बढ़ेगा ।


प्रवक्ता चंद्रप्रकाश गौड़ ने कहा कि पोर्टेबल जेनरेटरों को पीएनजी द्वारा चलाना संभव नही है। इस संदर्भ मे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के अधिकारियों से बात हुई है। उनके अनुसार अभी ऐसी कोई व्यवस्था नही है ओर अभी संभव भी नही है। चैयरमेन एवं अध्यक्ष जेनरेटर एसोसिएशन रामअवतार सिंह ने कहा कि अगर सरकार को प्रतिबंधित ही करना है तो पहले पुराने जेनरेटरों जो 10 वर्ष से पुराने ओर खुले जेनरेटरों को प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा जब तक कोई ठोस व्यवस्था ना हो जाये तब तक राहत प्रदान की जाए। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने आश्वासन दिया कि व्यापार मंडल की मांग को सरकार तक पहुंचाया जायेगा और हर संभव मदद की जाएगी।