भव्य होगा देव में तीन दिवसीय सूर्य महोत्सव- 2020

देव में तीन दिवसीय होगा भव्य
 सूर्य महोत्सव का आगाज़
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 भगवान् भास्कर की प्राचीन ऐतिहासिक नगरी देव में भव्य सूर्य महोत्सव अब दो दिनों की बजाय तीन दिनों का होगा।  उल्लेखनीय है कि पर्यटन निदेशालय ने देव सूर्य महोत्सव के लिए बजट में इजाफा करते हुए इस बार 31 लाख 50 हजार बजट जारी किया है। जबकि पहले करीब 25 लाख तक इसका बजट था। इसकी स्वीकृति पर्यटन निदेशालय ने दिया है। पर्यटन विभाग के निदेशक 28 नवंबर को अपने पत्रांक संख्या 40 जारी करते हुए औरंगाबाद डीएम को पत्र जारी किया है। जिसमें 2020 में आयोजित होने वाली देव सूर्य महोत्सव के लिए 31 लाख 50 हजार रुपए का बजट आवंटित किया है। इसके साथ ही तीन दिवसीय महोत्सव कराने पर भी विचार करने का निर्देश दिया है।



उधर,प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सिध्देश्वर विद्यार्थी ने बताया कि देव में भगवान सूर्य के जन्मदिन को मनाया जाने वाले इस महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1992 में आम जनता के सहयोग से किया गया था। यह महोत्सव 1992 से 2001 तक आम जनता द्बारा तीन दिवसीय आयोजित किया जाता रहा।


उन्होंने कहा कि महोत्सव का उद्धेश्य देव और सुर्यमंदिर की ऐतिहासिक गरिमा और धार्मिक महिमा को देश दूनिया मे फैलाना, यहाँ की सभ्यता और संस्कृति से देशवासियों को अवगत कराना, स्थानीय कलाकारों और छात्र – छात्राओं को मंच प्रदान करना तथा देव का अपेक्षित विकास कराकर आम जनता तथा यात्रियों को अधिकतम सुबिधा मुहैया कराना था। इसी उद्देश्य पर देव महोत्सव मे कार्यक्रम आयोजित किये जाते थे। 



उन्होंने बताया कि महोत्सव की शुरूआत देव की महता , स्थापत्यकला और देव के इतिहास पर चर्चा के साथ होता था, जिसमे इतिहासकारों और और जानकारों को बुलाया जाता था तथा जिले की सभ्यता और संस्कृति को झांकियों के माध्यम से झांकी प्रतियोगिता कराकर प्रदर्शित किया जाता था । इससे सम्बंधित स्मारिका प्रकाशित कर यहां की महत्ता को देश-दुनिया मे फैलाने का कार्य होता था । स्थानीय कलाकारों और छात्र , छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर मंच प्रदान किया जाता था। यही कारण है कि आज औरंगाबाद के कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। परन्तु जबसे महोत्सव सरकारी हुआ है तब से महोत्सव की अवधि और कलेवर दोनो छोटा कर दिया गया है । उन्होंने यह भी कहा कि महोत्सव दो दिवसीय कर सिर्फ़ मनोरंजन तक सीमित कर दिया गया है। स्थानीय कलाकार और छात्र ,छात्राओं को तरजीह नहीं दिया जा रहा। साथ ही बाहरी कलाकारों को बुलाने में भी आम जनता की भावना का ख्याल नहीं रखा जाता।


श्री विद्यार्थी ने कहा कि गजना और देव महोत्सव की अवधि बढ़ाकर तीन दिवसीय करने का निर्देश विभाग द्बारा दे दिया गया है जिसके लिये जिले के निवासी विभाग को बहुत बहुत धन्यवाद देती है । जहाँ तक महोत्सव का कलेवर बदलनी है उसके लिये महोत्सव समिति मे आधे से अधिक सदस्यों की संख्या होनी चाहिए पर जिला प्रशासन ननजर अंदाज कर रहा है। 
उन्होंने कहा कि आम जनता की राय से इसके लिये संघर्ष के रास्ते तय किये जायेंगे। सरकारी अनुदान पर आयोजित चार महोत्सव को यहाँ तक पहुंचाने का पूरा पुरा श्रेय आम जनता को है। साथ ही पुनपुन महोत्सव , और परता महोत्सव की शुरुआत इसी वर्ष किया गया है जिसके लिये आम जनता धन्यवाद की पात्र हैं।
हालांकि सूर्य महोत्सव में आम नागरिकों की भागीदारी को दरकिनार किये जाने पर आम जनप्रतिनिधियों व जनता में आक्रोश देखा जाता है।