सेना में फर्जी तरीके से भर्ती करानेवाले गिरोह का भंडाफोड़, आर्मी का रिटायर्ड हवलदार निकला सरगना


नोएडा। गौतमबुद्धनगर जिले के बादलपुर पुलिस ने फर्जी तरीके से सेना में भर्ती कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता पाई है। गिरोह का सरगना आर्मी का रिटार्यड हवलदार निकला। पुलिस ने रिटार्यड हवलदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से फर्जी दस्तावेज व अन्य सामान बरामद हुआ है।


गिरफ्तार अभियुक्त फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर सेना के कर्मचारियों से मिलीभगत कर लड़कों को सेना में भर्ती कराने का काम में लिप्त थे। प्रत्येक कैंडिडेट से 5-7 लाख रूपये लिया जाता था। इस मामले में अभी भी छह लोग वांटेड हैं, जो वर्तमान में सेना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्जीवाड़े की सूचना सेना के उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।



जिले के तेजतर्रार एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि बादलपुर थानापुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग सेना में भर्ती कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जांच - पड़ताल की तो महत्वपूर्ण सुराग मिला। इस पर पुलिस टीम ने मंगलवार को छपरौला से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।


एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि अभियुक्तों की पहचान आदेश कुमार, लव कुमार व प्रमोद कुमार निवासी गांव अनेडा थाना अगौता बुलंदशहर के रूप में हुई है। आदेश कुमार व प्रमोद कुमार सगे भाई हैं। आदेश कुमार सेना से रिटार्यड है। रिटार्यड होने के बाद कोचिंग सेंटर खोल रखा है, जिसकी आड़ में कैंडिडेट को भर्ती कराने का झांसा देकर सेना में भर्ती कराने का ठेका 5 से 7 लाख रूपये में लेता है।



फिजिकल,मेडिकल व वेरिफिकेशन तक की जिम्मेदारी आरोपियों की होती है। जांच में पता चला है कि सेना में भर्ती का काम देखने वाले कुछ अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ चल रहा था। मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर सेना में तैनात छह कर्मचारियों अजीत उर्फ बग्गी एआरओ मेरठ, विक्की एआरओ आगरा, सेंडी हवलदार एआरओ आगरा, विजय हवलदार एआरओ फतेहगढ़, सूबेदार दिवाकरन एआरओ बरेली व राहुल पांडे एआरओ वाराणसी का नाम प्रकाश में आया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त इस मामले में वांछित चल रहे अभियुक्तों से सेटिंग कर भर्ती में फर्जीवाड़ा कर रहे थे।