बिहार न्यायिक सेवा में सिविल जज बने प्रतीक रंजन चौरसिया

बिहार न्यायिक सेवा में सिविल जज बने महोबा निवासी    प्रतीक रंजन चौरसिया
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌



     " छू ले आसमान जमीन की तलाश ना कर 
      जी ले अपनी जिंदगी खुशी की तलाश ना कर
      तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त 
      बस मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर।  "


यूपी के महोबा शहर के गांधीनगर निवासी प्रतीक रंजन चौरसिया ने बिहार 30 वीं न्यायिक परीक्षा पास कर सिविल जज में चयनित होकर जिले का नाम रौशन किया है। उनकी इस सफलता पर उनके मित्रों और शुभ चिन्तकों ने हर्ष जताया है।


 महोबा शहर के गांधीनगर इलाहाबाद बैंक के सामने रहने वाले प्रतीक रंजन चौरसिया पुत्र जागेश्वर चौरसिया ने बिहार 30 वीं न्यायिक परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए सिविल जज में चयनित होकर वीरभूमि महोबा का मान बढाया है। उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल अर्जित किया है।


प्रतीक ने इस सफलता का श्रेय अपनी माता श्रीमती कमला देवी चौरसिया, पिता जागेश्वर चौरसिया, बड़े भाई प्रवीण रंजन चौरसिया एवं बड़ी दीदी उमा देवी चौरसिया पत्नी अखिलेश चौरसिया को दिया है।


 गौरतलब है कि, बिहार न्यायिक परीक्षा में सफलता अर्जित करने वाले प्रतीक रंजन चौरसिया ने 2001 में हाई स्कूल, 2003 में इंटर की परीक्षा उतीर्ण की। वीरभूमि विद्यालय से बीए और इसके बाद एलएलबी की परीक्षा पास की। उन्होंने महोबा और इलाहाबाद में रहकर सिविल जज जूनियर की तैयारियां की और हाल में ही बिहार के न्यायिक सेवा रिजल्ट 2019 में सफलता के झंडे गाड़ दिए। उन्हें इस उपलब्धि पर सम्मानित भी किया गया है। 



इस सफलता पर उन्हें ढेरों शुभकामनाएं।
निश्चय ही उनकी सफलता चौरसिया समाज के सभी प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए प्रेरक बनेगी। चौरसिया समाज प्रगति की ओर बढ़े, हम उम्मीद करते हैं।
                        सुरेश चौरसिया, पत्रकार
                             9810791027.