युवा विकास पर संगोष्ठी का आयोजन

 
 नोएडा। ब्राह्मण समाज सेवा समिति नोएडा द्वारा एक संगोष्ठी 'युवा कौशल विकास'  का आयोजन  कैलाश सभागार सेक्टर 27 में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता ब्रि0 डॉ0 बी डी मिश्र राज्यपाल अरुणाचल प्रदेश रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर महेश शर्मा  सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत , विशिष्ट अतिथि जी ने की।


इस मौके पर न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ( पूर्व मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय पश्चिम बंगाल ) आरके चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त पुलिस   महानिरीक्षक ) एवं पीयूष दिवेदी,  ब्राह्मण समाज सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश तिवारी एवं महासचिव हरीश मिश्रा मंच पर उपस्थित रहे ।


कार्यक्रम का प्रारम्भ उद्यमी पीयूष दिवेदी द्वारा जो नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष रूप से कार्य व व्यापार कर रहे हैं के वक्तव्य से हुआ। उनके अनुसार युवा इच्छाशक्ति तथा अपनी  कर्मठता से ही कुशल हो अपना तथा अपने देश का विकास मुख्य रूप से कर सकता है। क्योंकि उनके अनुसार भारतीय युवा मेहनती तथा पराक्रमी होते हैं ।


आर. के. चतुर्वेदी (आई.पी.एस)  ने भारत को युवाओं का देश बताया जो लगभाग 2050 तक रहेगा, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत आबादी गाँव में बस्ती है। हमारे युवा जीविका के लिए नौकरियों की तरफ अधिक झुकाव रखते हैं। उनके अनुसार इसका मुख्य कारण कोई भी कार्य शुरू करने पर शुरू शुरू में आने वाली कठिनाइयाँ (लालफीता शाही ) अधिक जिम्मेदार है। उन्होने बहुत महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि कौशल विकास को पाठ्यक्रम के साथ जोड़ा जाय। यह उनके द्वारा दिया गया एक अत्यधिक महत्वपूर्ण सुझाव है।


न्यायमूर्ति  राकेश तिवारी ने युवा किसे कहा जाए, किस आयु वर्ग के लोग या किस प्रकार के लोगों को युवा कहा जाता है इस पर विस्तृत चर्चा की। न्यायाधीश श्री तिवारी  के अनुसार हर वह व्यक्ति जिसके अंदर जोश है जो अपने कौशल से अपने आस-पास, अपने शहर, अपने देश का विकास करने का हौसला रखता  है वह ही युवा है।


उन्होंने बताया कि मैडम क्यूरी ने जब रेडियम कि खोज कि तब वे युवा नहीं थीं। लगभग 50 वर्ष कि थीं। वेज्ञानिक फयरडे, आइंसटेंन इत्यादि ने वर्षों नई नई खोजों से, यानि अपने कौशल से ही अपने देश तथा सम्पूर्ण विश्व का विकास किया। वे सभी तब 50 पार थे । युवा कि कोई जाति धर्म- बंधन नहीं होता सिर्फ उसकी लगन, मेहनत, थक कर हार न मानना ही उसके विकास का सही रास्ता है।


 उनके द्वारा दी गई जीनियस तथा इंटेलिजेंट की परिभाषा ने श्रोताओं के अंदर एक नई ऊर्जा का प्रवाह किया। उनके अनुसार जीनियस मतलब 10/10, पर हमें तो बुद्धिमान चाहियें (इंटेलिजेंट) जो अपने कौशल से अपनी बात, दस तरह से समझा पाएँ। जिसमे मजबूत इच्छा शक्ति हो, जो विफलता से निराश न हो, अपनी काबलियत तथा कमजोरियों पर गौर कर अपनी  काबलियतों का और विकास करे तथा अपना, अपने समाज, देश का विकास करे, हमारे युवा सिर्फ नौकरियां न ढूँढे बल्कि रोजगार लगाएँ तथा औरों को भी रोजगार दें। देश को ऐसे बुद्धिमान युवाओं की आवश्यकता है। उनका भी यही सुझाव था की युवाओं को लाल फीता शाही से बचाया जाय। युवाओं में अपनी  पसंद के कौशल को अपना कर अपना विकास करने की भावना जगाई जाएँ । हमारी सरकार इस पर बहुत कार्य कर रही है। इसकी जानकारी दूर – दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे इसका भी पूरा प्रयत्न होना चाहिए । आज ग्रामीण युवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा तमाम सारी योजनाएं चल रहीं है जिसे थोड़ा और आसान तथा आकर्षक बनाया जाए।


 कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को आगे ले जाने के लिए उन्हें स्वयं आगे आना होगा। ईमानदारी से कार्य करना होगा इसके साथ राज्यपाल ने लड़कियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने ब्राह्मण समाज के युवाओं एवं सम्म्मनित सदस्यों से अनुरोध किया कि यदि आपके आस-पास किसी भी बालिका को उसके घर वाले न पढ़ा पा रहे हों तो उसे आप स्वयं पढ़ाइये या मुझे बताइए। 


वक्ताओं ने युवाओं से सेवा का आव्हान किया एवं कहा कि यदि युवा सेवा भावना से आगे आएगा तो निश्चित सफल होगा। उनके अनुसार किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता नही होती बल्कि हौसले ओर इमानदारी की आवश्यकता होती है । यदि हम लगकर  कार्य करें तो। मिश्र ने प्रधानमन्त्री मोदी जी के  नेतृत्व की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये हमारे  प्रधानमंत्री की ही देन है कि आज विश्व हमें सम्मान दे रहा है। मिश्र  ने युवाओं को कहा कि जब तक आप कौशल नहीं प्राप्त करोगे सफलता सम्भव नहीं है।  आज ग्रामीण युवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा तमाम सारी योजनाएं चल रहीं है जिसे थोड़ा और आसान बनाया जाए जैसे तमाम तरह के नो ऑब्जेक्शन लाइसेंस जैसी लालफीताशाही को कम किया जाए तो हमारा युवा विश्व विजय की क्षमता रखता है । हम प्रगति करें हमारा देश प्रगति करे इसके लिए आज के युवाओं में राष्ट्रीयता की भावना होना अति आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष सुरेश तिवारी जी ने सभी मेहमानों का धन्यवाद किया।
 
युवाओं को ऐसे उत्साहित करने वाले कार्यक्रमों की डोज समय – समय पर मिलती ही रहनी चाहिए । यदि युवाओं को सही रूप से कौशल सिखाए जाएँ तथा व्यवसाय लगाने के लिए सही रास्ते दिखाये जाएँ। तो  शायद हमारा देश जोकि युवाओं का देश होते हुए भी आजतक तक विकसित ना कहला कर विकास शील ही कहलाता है से आगे बढ़ विकसित देश कहलाएगा। ऐसी उम्मीद से सभी दर्शकों ने आयोजन समिति, कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ महेश शर्मा तथा संस्था के महासचिव हरीश मिश्र जी का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज सेवा समिति के गिरीश मिश्र , सुधाकर तिवारी, मुकुल बाजपेई (कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी) अनुज त्रिपाठी, अभिनव पांडे, डीडी तिवारी, शैलेन्द्र पाठक, विनोद पांडे मनोज तिवारी, डॉ शोभा भारद्वाज, नीलम भागी, आकाश मिश्रा,  नेहा मिश्रा, ममता पांडेय, शारदा चतुर्वेदी,राहुल द्विवेदी, लोकेश त्रिपाठी, राज मिश्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।