औरंगाबाद जिले के पान उत्पादकों पर ठंढ़ व कोहरे का कहर, 80 प्रतिशत पान बर्बाद

औरंगाबाद जिले के बारहगांवां में पान की खेती पर ठंढ़ व कोहरे का कहर, 80 प्रतिशत मगही पान बर्बाद
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
तुरंत क्षतिपूर्ति कर सहायता पहुंचाने की मांग


देव (औरंगाबाद)। बिहार में सबसे अच्छी क्वॉलिटी के मगही पान ठंड व कोहरे व झुलसा रोग के कारण 80 प्रतिशत तक बर्बाद हो गए हैं और औरंगाबाद जिले में तकरीबन एक करोड़ से अधिक पान की फसल का नुकसान हुआ है। इससे चौरसिया समाज में हाहाकार मच गया है। 
बिहार के औरंगाबाद जिले के पान उत्पादक बारहगावां के चौरसिया समाज के लोग काफी संख्या में पान की खेती करते हैं। 15 दिनों से ठंढ़ व कोहरे के कारण पान की खेती पर जबरदस्त असर पड़ा है। इससे खेत-के खेत पान नष्ट हो गए हैं। 



पूर्व प्रमुख व पंचायत समिति , प.केताकी के सुरेंद्र प्रसाद चौरसिया ने बताया कि देव क्षेत्र के बारह गांव में निवास करनेवाले चौरसिया जो पान की खेती से जीविकोपार्जन करते हैं, भीषण ठंढ़ व कोहरे के कारण उनकी पान की खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है। लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।लोग सड़क पर आ गए हैं।
इस बाबत प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पान कृषकों को मुआवजे की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष पान की खेती प्राकृतिक आपदा के चपेट में आकर बर्बाद हो जाती है। पान की खेती में लागत भी काफी आती है। बांस, धनारे, मजदूरी आदि की कीमत अधिक बढ़ गई है, उपर से प्राकृतिक कोप चौरसिया लोगों की कमर तोड़कर रख दिया है।
यहां पान उत्पादकों में देव, केताकी, कीर्तिपुरम, तेजू विगहा, खेमचंद विगहा, भतू विगहा, गिधौर, खड़िहा, जोधपुर, एरौरा, डुमरी और पचौखर शामिल है।
सुरेंद्र कुमार चौरसिया ने पत्र द्वारा मांग की है कि इन गांवों का स्थल निरीक्षण कर क्षति का आंकलन किया जाय और यहां के पान कृषकों को तत्काल क्षतिपूर्ति की जाय।
इस अवसर पर अमरदीप चौरसिया, उमेश चौरसिया, संजीत कुमार, राणा प्रसाद चौरसिया, चंद्रशेखर चौरसिया, रमेश प्रसाद, राजेश प्रसाद आदि ने तुरंत राहत सहायता पहुंचाने की मांग की है।