बिहार में शीतलहर से पान की खेती हुई बर्बाद, चौरसिया परिवार में मचा हाहाकार


नई दिल्ली। पान की खेती करना कोई सहज कार्य नहीं है। जो पान की खेती करता है, वही जानता है कि पान की खेती में कितने बाधाएं हैं और मुसीबत तो तब बन जाती है प्राकृतिक आपदा उसे चंद समयों में निगल जाती है। आज मुंह को लाली देने वाली वाली पान की हरियाली में आग लग रही है।


बिहार के पान किसानों के अनुसार, लगातार दो सप्ताह से चल रही शीतलहरी ने किसानों का करीब डेढ़ करोड़ से ज्यादा का मगही पान तबाह कर दिया है। पान की खेती में गंभीर झुलसा रोग लग गया है और पिछले 15 दिन के ठंड और कोहरे से पान 80 फीसदी पत्ते जल गए हैं। पाला मारने से प्रभावित पान का एक चैथाई पत्ता प्रतिदिन बरैठा में गिर जा रहा है।



 पान किसानों ने सीएम को चिठ्ठी लिखकर क्षतिपूर्ति की मांग की है। मगही पान उत्पादक समिति के अध्यक्ष उमेश चैौरसिया ने बताया कि जिले के विभिन्न गांवों के 2100 किसानों ने इस साल करीब 800 एकड़ में पान की खेती की है। ठंड की वजह से इनकी 80 फिसदी से ज्यादा फसल खराब हो गई है । उमेश चैौरसिया के मुताबिक करीब डेढ करोड़ रुपए की क्षति का अनुमान है।


उन्होंने बताया कि जिले के हिसुआ के तुंगी, मंझवे ,बेलदारी, रामनगर, डफलपुरा, ढेवरी , कैथिर, नारदीगंज के हंडिया , पचिया, पकरीबरावां के छतरवार, डोला, काशीचक के नया डीह, रोह प्रखंड के पचिया ,कौवाकोल के ईंटपकवा, बड़राजी, आदि गांवों के किसानों की फसल खराब हुई है । इन गावों का स्थल निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जाए और क्षतिपूर्ति की जाय।