ईरान का जवाबी हमला, अमेरिकी सेना के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल दागे, 80 सैनिकों की मौत का दावा
 







वॉशिंगटन। ईरान ने अमेरिकी सेना के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से मंगलवार रात हमला कर दिया। इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमले में 80 सैनिकों की मौत हो गई हैं। यह दावा ईरानी मीडिया ने किया है। यह हमला ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के के बदले के रूप में किया गया है। इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनभर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया।



पेंटागन का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ये हमले अल असद और इरबिल के दो सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ट्वीट कर कहा है कि सबकुछ ठीक है।

ईरान के हमले के बाद डॉनल्ड ट्रंप ट्वीट ने ट्वीट कर लिखा है, 'ऑल इज वेल। ईरान की तरफ से इराक में अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी गईं। हताहतों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अभी तक सब ठीक है। हम सबसे ताकतवर हैं और दुनिया में हर जगह तकनीकी क्षमता से लैस हैं। मैं कल सुबह इस पर बयान जारी करूंगा।'

ईरान ने कहा है कि उसने अपनी आत्मरक्षा में यह कदम उठाए हैं। ईरान के विदेश मंत्री जावीद शराफ ने बताया कि यूएन के नियमों के अनुसार हमला किया है।ईरान द्वारा यूएस बेस पर मिसाइल हमले के बाद खाड़ी इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका है। इस बीच, ताइवान एयर ने बताया कि उनके विवहीं भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ तनाव कम करने की दिशा में भारत के किसी भी शांति कदम का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं, हम क्षेत्र में सभी के लिए शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है। ईरान द्वारा इराक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किए जाने के कुछ ही घंटे बाद चेगेनी ने यह बयान दिया है।

ईरान के दूतावास में सुलेमानी के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद चेगेनी ने संवाददाताओं से कहा कि दुनिया में शांति बनाए रखने में सामान्य तौर पर भारत बहुत अच्छी भूमिका निभाता है। साथ ही भारत इसी क्षेत्र में है। हम सभी देशों, खास तौर से अपने मित्र भारत की ओर से ऐसे किसी भी कदम का स्वागत करेंगे तो तनाव को बढ़ने ना दे।

उन्होंने कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं, हम क्षेत्र में सभी लोगों के लिए शांति और समृद्धि चाहते हैं। हम भारत के किसी भी कदम और परियोजना का स्वागत करते हैं जो दुनिया में शांति और समृद्धि लाने में मददगार हो। इराक में अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरानी हमले के संबंध में चेगेनी ने कहा कि उनके देश में अपनी सुरक्षा करने के अधिकार के तहत जवाब दिया है।

सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ और अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पिओ से बातचीत कर बढ़ते तनाव पर भारत की चिंता जतायी।मान ईरान और इराक के ऊपर से उड़ान नहीं भरेंगे।