नोएडा के सेक्टर- 108 कमिश्नरी मुख्यालय बनने को लेकर राजनीति शुरू, जेवर विधायक ने डीजीपी से की बात, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


नोएडा। सर्वविदित है कि गौतमबुद्ध नगर जिले का कमिश्नरी नोएडा के नाम पर बना है और इसका मुख्यालय  सेक्टर-108 नोएडा में बनाया जा रहा है। इससे जिले के कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है, और यहां से कमिश्नरी को ग्रेटर नोएडा में बनाने के लिए राजनीतिक दांव-पेंच के पत्ते फेंकना शुरू कर दिया गया है। उन्हें नोएडा के सेक्टर 108 में बननेवाला कमिश्नरी कतई बर्दाश्त नहीं है। मामले को प्रदेश के डीजीपी व मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया है ताकि नोएडा में  बनने जा रहा कमिश्नरी रुक जाय।



अलबत्ता, इस मामले में लोगों को भड़काया भी जा रहा है ताकि इसका जिले के दूर-दराज भागों से विरोध शुरू हो जाय।सूत्रों के मुताबिक़ जिले के चंद लोगों ने इस मामले को उछाल देने के लिए जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह से मिले हैं।
इस बाबत विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह से बात भी की है और मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। 


विरोधी लोग यह हवाला दे रहे हैं कि ग्रेटर नोएडा में एक साथ पुलिस मुख्यालय, जिला मुख्यालय और जिला न्यायालय बने हुए हैं। इससे जिले के लोगों को सरकारी काम निपटाने में सहूलियत मिलती है। चूंकि पुलिस कमिश्नर को मजिस्ट्रियल पॉवर भी दी गई है और पुलिस कमिश्नर सीआरपीसी की सुनवाई भी करेंगे। 


विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के अनुसार, उनकी बातों पर डीजीपी ओपी सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सेक्टर 108 नोएडा में बनाया जा रहा कमिश्नरी मुख्यालय अस्थाई है। जिले में ऐसा कोई काम नहीं किया जाएगा जिससे जिले के लोगों को असुविधा हो।


बताया जा रहा है कि विरोध का स्वर कुछ अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और जिले के ग्रेटर नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जेवर आदि के कुछ लोगों द्वारा उठाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जो पुलिस कमिश्नरी सेक्टर 108 नोएडा में बनाया जा रहा है,  वह दर्जनों गांव से 70 किमी की दूरी पर है। जबकि सेक्टर -108 नोएडा तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था तक शुरू नहीं की गई है।


उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जिला मुख्यालय, पुलिस मुख्यालय व जिला न्यायालय नोएडा में ही स्थित था। तब ग्रेटर नोएडा में विकास के पंख लगाने के लिए ये मुख्यालय नोएडा से ग्रेटर नोएडा में शिफ़्ट कर दिए गए। हालांकि, नोएडा के लोगों ने तब इसका विरोध नहीं किया था।


नोएडा से तकरीबन हर बड़े सरकारी कार्यालय ग्रेटर नोएडा में शिफ़्ट हो चुके हैं। लेकिन अब नोएडा में कमिश्नरी बनते देख विरोध का हवा दिया जाने लगा है। यह कमिश्नरी


नोएडा में कैसे बनेगा, यह मूंछों का सवाल भी खड़ा किया जा रहा है।


अब देखना है कि नोएडा के सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, सोशल वर्करों का इस पर क्या रुख होता ? वे इस मामले को लेकर पहले की तरह चुप रहते हैं या नोएडा कमिश्नरी के लिए नोएडा मुख्यालय के लिए अड़े रहते हैं।


बता दें कि  पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने नोएडा में कार्यालय के लिए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रितु महेश्वरी से जगह मांगी थी। इस पर प्राधिकरण के सीईओ ने


नोएडा के सेक्टर -108 स्थित ट्रैफिक पार्क में जगह देने का विकल्प दिया था। उन्हें वहां कार्यालय के लिए इमारत दी गई है। ट्रैफिक पार्क में इमारत देने से पार्क के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं होगी। ट्रैफिक पार्क को जिस कार्य के लिए बनाया गया है, वहां उस काम को भलीभांति पूरा कराया जाएगा। कमिश्नर के लिए अलग इमारत में पूरा सेटअप होगा। इसमें कमिश्नर कार्यालय से जुड़े अन्य अधिकारियों के बैठने के लिए भी जगह होगी।