उभरते मीडिया प्रतिमान पर एमिटी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ

नोएडा। छात्रों को उभरते मीडिया के संर्दभ में जानकारी प्रदान करने हेतु एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन एंव एमिटी स्कूल फिल्म एंड ड्रामा द्वारा आयोजित उभरते मीडिया प्रतिमान पर दो दिवसीय अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन के आज द्वितीय दिन तकनीकी सत्र के अंर्तगत ‘‘नई सहस्त्राब्दी के लिए मनोरंजन’’ विषय पर फिल्म निर्देशिका सुश्री शोनाली बोस, बाॅलीवुड कलाकार एंव एमिटी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र श्री प्रियांश जोरा, नेटफिलक्स की पब्लिक पाॅलिसी निदेशक सुश्री अंबिका खुराना, इंटरनेट वलोग्गर एंड इन्फुलेएसर श्री मुर्तजा अली, एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन के सलाहकार प्रो आर के डार्गन एंव एमिटी स्कूल ऑफ फिल्म एंड ड्रामा के प्रो सोमनाथ सेन ने अपने विचार व्यक्त किये।



  तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए फिल्म निर्देशिका सुश्री शोनाली बोस कहा कि आज के किसी भी मनोरंजन कटेंट का बृहद दर्शक 18 से 30 वर्ष के मध्य का है और किसी भी फिल्म या सीरीज की सफलता इस बात पर निर्भर करती है हम उनसे किस तरह जुड़ते है। उन्होनें कहा कि फिल्म निर्माण एक माध्यम है जो परिवर्तन लेकर आयेगा और कटेंट की सेंसरशिप पर खेद व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि यह फिल्म बनाने की कला को बढ़ने से रोकती है। सुश्री बोस ने कहा कि बढ़ते हुए डिजिटल मीडिया मंच ने कंटेट को वैश्विक अनावरण प्रदान किया है और उन्हे इस बात की प्रसन्नता है कि सेंसरशिप रेगुलेशन ना होने से डिजिटल मंच प्रभावित नही हुआ है।


बाॅलीवुड कलाकार एंव एमिटी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र श्री प्रियांश जोरा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मनोरंजन जगत में हर व्यक्ति के रूचि के अनुरूप सामग्री उपलब्ध है। अगर कंटेट एंव कहानी अच्छी है तो लोग फिल्म देखने जरूर जायेगें। मनोरंजन इंडस्ट्री में सभी को परिश्रम करना पड़ता है। उन्होनें कहा कि एमिटी विश्वविद्यालय ने मिली शिक्षा एंव  संस्कारों ने उन्हे यह मुकाम हासिल करने के लिए सहायता की और उनके शिक्षकों ने भी सदैव उन्हे प्रेरित किया है।


इंटरनेट वलोग्गर एंड इन्फुलेएसर श्री मुर्तजा अली ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा बुद्विमान है और उस सामग्री की तलाश में रहते है जो उनकी रूचि के अनुरूप एंव उनसे जुड़ा हुआ रहता है। डिजिटल मीडिया मंच एंव उसकी सामग्री के बारे में कहा कि उन्होनें सहस्त्रों युवाओं को अपने साथ जोड़ा है।


नेटफिलक्स की पब्लिक पाॅलिसी निदेशक सुश्री अंबिका खुराना ने कहा कि मनोरंजन सभी उम्र, वर्ग, लिंग के लिए निष्पक्ष होता है और तीव्रता एंव स्थान, डिजिटल मंच की मुख्य संकल्पना है। डिजिटल विस्तार के विकास के साथ, युवा व्यवसायिकों के लिए नये अवसर एंव क्षमताओं को विकास हो रहा है। युवा दर्शक आज कहानियों में विविधता एंव विचारों को तलाशते है। कई सारी कहानियां, क्षेत्रिय, राष्ट्रीय एंव अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध है। युवा डिजिटल मीडिया की ताकत है।


उभरते मीडिया प्रतिमान पर दो दिवसीय अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह मे ंबीएजी फिल्म की मैनेजिंग डायरेक्टर एंव प्रसिद्ध श्रीमती अनुराधा प्रसाद, स्विट्ज़रलैंड दूतावास के रिर्सच एंड इनोवेशन के वरिष्ठ सलाहकार डा इंद्रनील घोष एंव एमिटी स्कूल ऑफ फिल्म एंड ड्रामा की चेयरपरसन श्रीमती पूजा चैाहान ने अपने विचार रखे।


  समापन समारोह को संबोधित करते हुए स्विट्ज़रलैंड दूतावास के रिर्सच एंड इनोवेशन के वरिष्ठ सलाहकार डा इंद्रनील घोष ने स्विट्ज़रलैंड दूतावास द्वारा किये जा रहे कार्यो एंव शोध को बताया। डा घोष ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलनों से छात्रों के अंदर मीडिया जगत मे हो रहे नवीनतम एंव परिवर्तनों की जानकारी प्राप्त होती है। उन्होनें कहा कि इस सम्मेलन से छात्रों को प्राप्त हुए अनुभव उनके लिए जीवन भर सहायक रहेगें।


बीएजी फिल्म की मैनेजिंग डायरेक्टर एंव प्रसिद्ध पत्रकार श्रीमती अनुराधा प्रसाद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सम्मेलन के विषय ने उन सभी क्षेत्रों को जोड़ दिया जिसमें हम वर्तमान में कार्य कर रहे है। मीडिया के प्रतिमान लगातार परिवर्तीत हो रहे है और यह व्यक्ति पर निर्भर करता है वो कितना ग्रहण कर रहा है। सोशियल मीडिया ने समाज को संतुलन कारक बनाया है विशेषकर उस शोषित वर्ग को जिसकी आवाज को सदैव अनसुना कर दिया गया है। प्रारंभ में सोशियल मीडिया का महत्व कम था लेकिन आज सोशियल मीडिया समाज के मस्तिष्क को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है और हर व्यक्ति की आवाज को समाज तक पहुंचा रहा है। आने वाले दशक में डिजिटल मीडिया कई प्रभावी परिवर्तन लायेगा जो तेजतर्रार बनाम तथ्यों पर आधारित होगा। उन्होनें छात्रों से कहा कि किसी भी खबर को प्रस्तुत करने से पूर्व उसके तथ्यों को जांच ले, क्योकी खबरे किसी व्यक्ति, समूह या समुदाय को प्रभावित करती है। मीडिया में खबरों के प्रति जिम्मेदारी रहती है, तथ्यों की जांच पड़ताल के बाद खबर दिखाते है लेकिन सोशियल मीडिया में लोग अपने निजी विचार व्यक्त करते है।


एमिटी स्कूल ऑफ फिल्म एंड ड्रामा की चेयरपरसन श्रीमती पूजा चैाहान ने अतिथियों को स्वागत करते हुए कहा कि इस अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उददेश्य आकदमिकों एंव मीडिया व्यवसायिकों को एक मंच पर लाकर छात्रों को वर्तमान मीडिया एंव सोशियल मीडिया के कार्यो एंव प्रभावों के संर्दभ में जानकारी प्रदान करना था। इस कार्यक्रम में आये मीडिया क्षेत्र के दिग्गजों से छात्रों सहित हम सभी को काफी जानकारी प्राप्त हुई।


इस सम्मेलन मे एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन के सलाहकार प्रो आर के डार्गन, एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन की संयुक्त निदेशिका डा पल्लवी मजूमदार एंव डा गौरी चक्रवर्ती भी उपस्थित थी।