आज दिल्ली विधानसभा चुनाव में तय होगा किसकी होगी बादशाहत, चुनाव के लिए किये गये पुख्ता इंतजाम

नई दिल्ली। आज दिल्ली विधानसभा का चुनाव है। आप दिल्ली के मतदाता हैं तो मतदान जरूर करें। मतदान अपने विवेक से ही करें। आपके वोट से ही तय होगा कि दिल्ली की सत्ता पर किसकी बादशाहत होगी। कौन दिल्ली का मुख्यमंत्री बनेगा !



राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के अलावा होमगार्ड सहित अर्धसैनिक बलों के 75 हजार से ज्यादा हथियारबंद जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं. सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया है. इसे राज्य चुनाव मुख्यालय (कश्मीरी गेट) परिसर में पहली मंजिल पर बनाया गया है.


दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020


सीटों की संख्या: 70


उम्मीदवारों की संख्या: 672


मैदान में प्रमुख दल: AAP, BJP और कांग्रेस


मतगणना: 11 फरवरी


एग्जिट पोल: 8 फरवरी को मतदान बंद होने के बाद


वोटर प्रोफाइल


मतदाताओं की कुल संख्या: 1,47,86,382


पुरुष मतदाता: 81,05,236


महिला मतदाता: 66,80,277


सर्विस वोटर्स: 11,608


थर्ड जेंडर वोटर्स: 869


80 वर्ष और इससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक: 2,04,830


18 और 19 वर्ष के युवा: 2,32,815


पोल बंदोबस्त


मतदान केंद्रों की संख्या: 2,689


बूथों की संख्या: 13,750


सुरक्षा के इंतजाम


40,000 सुरक्षाकर्मी


19,000 होमगार्ड


केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 190 कंपनियां.


दिल्ली में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान नागरिकता संशोधन कानून को लेकर खासा प्रदर्शन होता रहा. इसी प्रदर्शन के बीच शाहीन बाग अपने लगातार 50 दिन से भी लंबे प्रदर्शन के कारण लगातार चर्चा में बना रहा. आज चुनाव के दिन भी शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी है. इस बीच सीएए के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र रहे जामिया के गेट नंबर 7 को खाली करा लिया गया है.


शनिवार को मतदान के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी दिल्ली में सुरक्षा चाक चौबंद कर दी है. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बने शाहीन बाग में विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. शाहीन बाग में विशेष तौर से बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की टुकड़ी को तैनात किया गया है.


इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच है. कांग्रेस तीसरे नंबर पर दिख रही है, लेकिन वह शीर्ष 2 पार्टियों के मुकाबले उसकी स्थिति काफी नीचे दिख रही है. चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से आम आदमी पार्टी और बीजेपी नेताओं के बीच तीखे हमले हुए उससे यह चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है.


दिल्ली में चुनाव सक्रियता के लिहाज से देखें तो बीजेपी ने धुआंधार प्रचार किया है. एक अनुमान के मुताबिक बीजेपी ने दिल्ली में करीब 6 हजार चुनावी रैलियां की हैं. बीजेपी की ओर से परवेश वर्मा, अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं ने विवादित बयान दिए और उन्हें चुनाव आयोग का प्रतिबंध भी झेलना पड़ा.


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विपक्षी दलों के निशाने पर रहे. केजरीवाल ने वोटिंग से एक दिन पहले मंदिर में पूजा-अर्चना की.


दिल्ली में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है. इसके लिए 40 हजार से अधिक दिल्ली पुलिस के जवान चुनावी ड्यूटी में लगाए गए हैं. ईवीएम-पोलिंग बूथ की सुरक्षा अलग से है. करीब 19 हजार होम गार्ड्स की ड्यूटी भी दिल्ली में लगाई गई है.


दिल्ली पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि दक्षिण पूर्व जिले के 169 मतदान केंद्रों में से 64 केंद्रों को संवेदनशील चिन्हित किया गया है, जबकि जिले में 10 मोटरेबल बॉर्डर पिकेट हैं, जहां पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आधी रात से ही सीमा बंद कर दी गई है. दक्षिण पूर्व जिले में पांच हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. साथ ही अर्ध-सैनिक बलों की तैनाती की गई है.


ईवीएम, संवेदनशील बूथ और काउंटिंग सेंटर्स की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. दिल्ली में कुल 2689 पोलिंग बूथ में से 545 संवेदनशील हैं. जबकि 21 काउंटिंग सेंटर को अतिरिक्त सुरक्षा दी गई है.


अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि किसी तरह से कोई बाहरी सामान ना आ सके. शराब, पैसे को लेकर कड़ी सख्ती बरती जा रही है. शुक्रवार तक के चुनाव प्रचार में करीब 96 हजार 798 लीटर शराब और 774.1 ड्रग्स जब्त किया जा चुका है. इस बीच राजधानी में 6, 7, 8 और 9 फरवरी को ड्राई डे घोषित होने के कारण शराब की दुकानें नहीं खुल रही हैं.


पुलिस के मुताबिक दिल्ली से सटे सीमा पर चेकिंग भी बेहद बढ़ा दी गई है जिससे चुनाव के समय आने वाले अपराधिक तत्वों को पकड़ा जा सके. चुनाव की घोषणा के बाद से पुलिस अब तक 96,798 लीटर अवैध शराब और साथ ही 774 किलो ड्रग्स बरामद कर चुकी है. इस दौरान पुलिस ने 494 अवैध हथियार भी बरामद किए हैं. चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए करीब 7397 लाइसेंस वाले हथियार भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं.