भाकियू (टिकैत) के प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर विधायक पंकज सिंह से मिले

नोइडा।  विधायक पंकज सिह से किसानों की समस्याओं के बारे में विस्तार से समझाने एवं उनके समाधान हेतु विचार- विमर्श करने लिए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)का एक प्रतिनिधि मंडल मिला। प्रतिनिधियों ने उन्हें बताया कि नोएडा प्राधिकरण अपनी दमनकारी नीतियों से आबादी को तोडकर अपना कब्जा जमा रहा है जिससे नोएडा के किसानों में रोष व्याप्त है। 



 भाकियू के प्रतिनिधि मंडल की तरफ से मंडल अध्यक्ष पवन खटाना द्वारा विधायक को नोएडा के किसानो की आबादी के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया गया। उन्हें बताया गया कि नोएडा प्राधिकरण ने सभी गांवो में अधिकतर पैरीफेरल रोड बना दिये हैं और उन्ही के अन्दर आने वाली आबादियो को  तोड़ने पर अमादा है और बहुत -सी पुरानी आबादी तोड़कर किसानों को घर से बेघर कर दिया गया है। यह सरासर गलत है। यह नोएडा प्राधिकरण की अपनी तानशाही है। जिस तरह से किसानो की पुस्तैनी आबादियों को तोडकर प्राधिकरण अपने कब्जे में करना चहता है, उसकी इस नीति से किसान अपने ही घरो से बेघर हो जायेगे। अगर किसानों की इन समस्याओ का समाधान समय रहते नहीं हुआ तो एक बडी अनहोनी होने की आहट सुनाई पड रही है और एक बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो रही है। पूर्व में भी ऐसा हो चुका है। चाहे वह घोडी- बछेडा या फिर भट्टा पारसोल जैसा मामला क्यों न हो। भाकियू द्वारा पूर्व में भी बडे आंदोलन किये जा चुके हैं। पर नोएडा प्राधिकरण अपनी दमनकारी नीतियों से बाज नहीं आ रहा है।


इसी बीच भाकियू के एनसीआर अध्यक्ष ने किसानो का पक्ष रखते हुए कहा, नोएडा प्राधिकरण को 43 वर्ष हो चुके हैं। आज तक ना तो किसानो को 17 % कृषक कोटा स्कीम द्वारा दिये जाने वाले भूूखंड दिये नही दिये गये,  नही  किसानो को 10% प्लाट मिला, ना ही आज तक आबादियों  का निस्तारण किया गया। किसान ने प्राधिकरण को शहर बसाने के लिये जमीन तो दी, पर अपने लिये समस्याओ का अम्बार खडा कर लिया। विधायक  ने  किसानों को एक सप्तहा के अन्दर नोएडा सीईओ से मिलकर  गहनता से कार्य कर समाधान कराने का आश्वासन दिया।


इस मौके पर मौजूद लज्जा राम प्रधान, अनित कसाना, प्रविन्द्र अवाना, राजे प्रधान, गजेन्द्र चौधरी, रविन्द्र भगत रविन्द्र भाटी, जयराम मुखीया, सुमित तंवर, भरत अवाना, पवन चौहान, विनोद प्रधान आदि मौजूद रहे।