किसानों को जेल भेजने पर भाकियू (भानु) ने घोर निंदा की, एसीपी को दिया ज्ञापन

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण पर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे बेक़सूर किसानों को ज़बरदस्ती जेल भेजने के विरोध में भाकियू भानु ने नोएडा कार्यालय पर बैठक की और उपस्थिति सभी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के इस कृत्य की घोर निंदा की व उसके बाद ज्वाइंट कमिश्नर अखिलेश कुमार से मिलकर ज्ञापन सौंपा व नोएडा प्राधिकरण पर धरना स्थल चयनित करने की माँग की भी की गई। हालांकि ज्वाईंट कमिश्नर ने माँग को जायज़ बताते हुए समर्थन भी किया । 



     राष्ट्रीय महासचिव चौ बेगराज गुर्जर ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी किसानों का तेतालीस वर्ष से शोषण कर रहे हैं। किसानों की नोएडा प्राधिकरण के चक्कर लगाते -लगाते कई पीढ़िया चली गयीं हैं लेकिन समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें पुलिस कमिशनरी का भय दिखा कर डराया जा रहा है, जो सरासर अन्याय है व लोकतंत्र की हत्या है।


उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में अपनी बात रखने व आंदोलन करने का सबको अधिकार है। लेकिन सरकार व नोएडा पुलिस इमर्जेंसी जैसा व्यवहार कर रही है। यह सरासर अन्याय है। अगर किसानों को तुरंत रिहा नहीं किया गया तो भाकियू भानु बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी ।


प्रदेश महामंत्री बीसी प्रधान ने कहा प्राधिकरण के अधिकारियों का रवैया तानाशाही पूर्ण हो गया है। वे पूर्व के अधिकारियों के लिए फ़ैसले को भी मानने को तैयार नहीं हैं।2011 में तत्कालीन सीईओ  बलविंदर सिंह द्वारा 14 सूत्रीयें माँगो को लिखित में मान लिया गया था,  लेकिन अब अधिकारी अपनी हठधर्मी के चलते मानने को तैयार नहीं है जिससे आज किसान परेशान हैं।  यह बिल्कुल ग़लत है इसलिए आंदोलन करने को मजबूर हैं । जिससे भाकियू भानु बर्दाश्त नहीं करेगी ।
बैठक में मुख्य रूप से चौधरी बीसी प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष (विधि) एड. लाटसहाब लोहिया, प्रेमसिह भाटी, अशोक चौहान,संतराम अवाना, सुन्दर बाबा, कौशिंदर यादव, मांगेराम शर्मा, विनोद लोहिया,रवि यादव, कर्मवीर गुर्जर, अनिल बैसोया, कमल कसाना, गजराज नंबरदार, ऊधम भाटी, राजकुमार मोनू ,नरेंद्र बैसोया इत्यादि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।