सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर नफोमा ने सोसायटी प्रतिनिधियों से की चर्चा

नोएडा।  नेफोमा कार्यालय में अध्यक्ष अन्नू खान के नेतृत्व में कई सोसाइटी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में साल 2016 के अंतर्गत कूड़े का उचित निस्तारण हेतु ट्रेनिंग दी गयी।



इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा का ख़तरा हमारे जन जीवन पर डगमगा रहा है और आज सभी वर्ग के लिए एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। अगर हमने आज इस ख़तरे से का समय से उपाय नहीं किया तो यह एक विषम रूप धारण कर लेगा। 
इसी संदर्भ में ट्रेनिंग के माध्यम से ये चर्चा की गई कि जिन सोसाइटी में प्रतिदिन एक टन कूड़ा निकलता है उसको क्यों और कैसे उचित ढंग से निस्तारण किया जा सकता है। 


फ़ीड्बैक फ़ाउंडेशन से श्रीमती अमिता तिवारी  ने कहा कि  घर से निकले कचरे चार प्रकार के होते हैं और इन्हें अलग अलग डस्टबिन में कैसे रखें और अलग अलग रखने से होने वाले फ़ायदे कैसा है, जानकारी दी।


ट्रेनिंग के दौरान यह निष्कर्ष निकला गया कि  सोसाईटी से  लगभग 50 टन कचरा प्रतिमाह निकलता है। यदि हम कूड़ा घर से निकालते समय ही  कूड़े को अलग -अलग कर दे तो वह पर्यावरण की दृष्टि से तथा आय का भी स्रोत बन सकता है। साथ ही साथ हम गीले कचरे से कैसे काम्पोस्ट खाद बना सकते हैं इस पर चर्चा की गयी। 


नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि भारत में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है वेस्ट मैनेजमेंट। आज हमारे शहर में कूड़ा टनो कचरा निकलता है, जो पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक है। आज घरों से गीला सूखा और ज़हरीला कूड़ा एक साथ निकलता है और एक स्थान पर डम्प कर दिया जाता है। आज दिल्ली कूड़े के निस्तारण की समस्या से जूझ रहा है, ग़ाज़ीपुर वज़ीरपुर ओखला  इसका 
 प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमें आज जागरूक होना होगा और अपने समाज और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित वातावरण मुहिया करवाना होगा। 


नेफोमा महासचिव ने बताया की जनसंख्या वृद्धि और प्रचंड उपभोक्तावाद के कारण प्राकृतिक संसाधनों का दोहन अपने चरम पर है और हमारे सामने पर्यावरण को बचाए रखने का महत्वपूर्ण दायित्व है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर एकजुट हो रही हो तब एक मनुष्य और समाज के रूप में हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रकृति के साथ तारतम्यता बनाकर जीना है और उसी के मुताबिक अपनी जीवनशैली को ढालना है।


ट्रेनिंग के दौरान सदस्यों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और अपने अपने सुझाव दिया। मीटिंग में नेफोमा टीम की तरफ़ से आदित्य अवस्थी, महावीर ठस्सू , श्याम गुप्ता, मनीष पांडेय, जीतेन्द्र, राज चौधरी एवं फ़ीड्बैक फ़ाउंडेशन की और से  संजय शुक्ला , सविता, जोशी जी सम्मिलित रहे।