तो आकांक्षा चौरसिया को आकाश निगल लिया, जो लौट सकी न घर को ?

तो आकांक्षा चौरसिया को आकाश निगल गया ? 
25 जनवरी से एडमिट कार्ड लेकर नहीं लौटी घर, अनहोनी की आशंका
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एक तरफ चौरसिया समाज के संगठन चौरसिया समाज की लड़कियों की शादी- विवाह करने के बड़े आयोजन का ढोल पीटकर वाहवाही लूट रहे हैं, जबकि चौरसिया समाज की लड़की आकांक्षा चौरसिया पिछले 25 जनवरी को कॉलेज से एडमिट कार्ड लेने गई थी और लौटकर वापस घर नहीं पहुंची। पटना के रामकृष्ण नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज है, बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे है। कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। चौरसिया समाज का कोई भी बड़ा नेता या समाज सेवक मदद करने व साथ देने के लिए आगे नहीं आ रहा है, न पुलिस पर कोई दवाब है। सवाल है कि चौरसिया समाज का नेतृत्व ऐसे हाथों में चला गया है, जो शादी समारोह, मंच माईक के अलावे कुछ नहीं जानते। 


बहरहाल,  रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र की एनटीपीसी कॉलोनी निवासी मिथिलेश कुमार चौरसिया की बेटी आकांक्षा चौरसिया कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। वह 25 जनवरी की दोपहर करीब 12 बजे कॉलेज से एडमिट कार्ड लाने की बात कहकर घर से निकली थी।
 शाम चार बजे उसने पिता को कॉल कर बताया कि कॉलेज में काफी भीड़ है। कुछ देर बाद आकांक्षा के मोबाइल से उसके भाई और होने वाले पति के मोबाइल पर वाट्सएप मैसेज गया, जिसमें प्लीज हेल्प मी लिखा था। मैसेज मिलते ही घरवालों ने फौरन आकांक्षा को कॉल की, लेकिन मोबाइल बंद मिला। घरवालों ने अपने स्तर से काफी खोजबीन की पर कोई सुराग नहीं मिला। तब उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मार्च में होनी थी शादी
मिथिलेश के मुताबिक, मार्च में आकांक्षा की शादी थी। वह शादी को लेकर बहुत खुश थी। अक्सर अपने होने वाले पति से भी फोन पर बात करती थी। उसके बात-व्यवहार में कोई बदलाव नहीं था। घरवालों को अनहोनी की चिंता सता रही है। इतने दिनों बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न करना आश्चर्य है। आश्चर्य भी सच है, कि चौरसिया समाज के पटना, बिहार के शिरोमणि आज सत्ता की मलाई खाने में व्यस्त हैं। उन्हें अपने मान-सम्मान बटोरने से फुर्सत कहाँ है ? उन्हें कहां फुर्सत है कि उनके नगरी में चौरसिया की एक बेटी अबतक गायब है। देखिए, इस वीडियो को...


https://youtu.be/ArzweGuD8D4