नोएडा को स्मार्ट सिटी एम्पवायरिंग अवार्ड मिलने पर नोएडा लोक मंच ने सीईओ रितु महेश्वरी को किया सम्मानित

नोएडा। नोएडा को स्मार्ट सिटी एम्पवायरिंग अवार्ड मिलने के उपलक्ष्य में नोएडा लोक मंच ने आज नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रितु महेश्वरी को सेक्टर 15 स्थित नोएडा लाइब्रेरी में नागरिक अभिनंदन करते हुए गौतमबुद्ध की मूर्ति देकर उनको सम्मानित किया।



इस मौके पर सीईओ रितु महेश्वरी ने कहा कि उनको यह सम्मान नोएडा लोक मंच द्वारा घर में दिया जा रहा  है, यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इससे उनकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने काम कम किया है और उन्हें सम्मान अधिक मिला है। फिर भी उनके लिए चुनौतियां बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि नोएडा का स्ट्रक्चर बेहद सुंदर है और प्लानिंग के साथ नोएडा को बसाया गया है। इस शहर को और बेहतर बनाना है, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसके लिए वह काम कर रही हैं। शहर की तरह गांव का भी  विकास हो, इसका वह भरपूर प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि नोएडा में कल्चरल सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए वह काम कर रही हैं। नोएडा हॉट में बेहतर सुविधाएं हैं जिससे नोएडा सहित देश के अन्य भागों को कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मंच मिलेगा।
रितु माहेश्वरी ने कहा की अन्य शहरों की अपेक्षा नोएडा में परिवर्तन दिख रहा है। यहां रविवार को भी प्राधिकरण कर्मी काम में जुटे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यहां लोगों में जुड़कर काम करने की कमी दिख रही है। अगर सभी साथ दें तो नोएडा देश में सबसे स्मार्ट और सुंदर शहर के रूप में दिखेगा। उन्होंने नोएडा हॉट में संडे को भी कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि यहां के कलाकारों को कला दिखाने का एक मंच मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि नोएडा के गौशाला में 800-1000 गोवंश है जिसका संचालन एक एनजीओ को सौंपा गया था, लेकिन उसने संचालन का काम छोड़ दिया है। अगर नोएडा लोकमंच चाहे तो  गौ शाला सेवा का कार्यभार  प्राधिकरण के सहयोग से चला सकता है। उन्होंने वेंडर जोन बाबत कहा कि नोएडा में 3000 वेंडिंग जोन उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि 8000 वेंडिंग जोन बनाने का लक्ष्य है, ताकि जो सड़कों पर दुकान लगाते हैं, उन्हें जीविकोपार्जन का साधन मिल सके। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति नोएडा में भी बिखरे इसका प्रयास किया जा रहा है।
इस मौके पर महेश सक्सेना ने बताया कि नोएडा लोकमंच में आज तक किसी प्रकार की बेईमानी नजर नहीं आई है। उन्होंने नोएडा का मान बढ़ाने पर रितु महेश्वरी को धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
इस मौके पर सुशील दत्त त्रिपाठी, गणेश शंकर त्रिपाठी, जेपी शर्मा और योगेंद्र नारायण सिंह ने नोएडा के बारे में अपने अनुभवों को प्रकट किया।


उल्लेखनीय है कि पांच महीने की कड़ी मशक्कत के बाद नोएडा शहर को ओडीएफ़ प्लस का सर्टिफिकेट मिला है। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की ओर से  जारी सूची में जानकारी दी गई है। खुले में शौच मुक्त के साथ-साथ शौचालय में कई सुविधाएं देने पर नोएडा प्राधिकरण को ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट दिया गया है।


नोएडा प्राधिकरण को सर्टिफिकेट के मिलने से स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा के टॉप रैंक में आने के आसार भी बढ़ गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग की सूची इसी हफ्ते जारी होगी। खुले में शौच मुक्त के साथ-साथ शौचालय में कई सुविधाएं देने पर नोएडा प्राधिकरण को ओडीएफ प्लस प्लस का सर्टिफिकेट दिया गया है।


ओडीएफ प्लस प्लस श्रेणी में शौचालय पूरी तरह गंदगी मुक्त, बदबू रहित, हैंड वॉश की व्यवस्था, तौलिया, फीडबैक सिस्टम, विकलांगों के लिए रैंप सहित कई सुविधाएं होनी चाहिए। ओडीएफ प्लस प्लस के लिए 25 फीसदी शौचालय आदर्श होने चाहिए। नोएडा में करीब 60 ऐसे शौचालय बनाए जा चुके हैं. जिनमें तय मानकों के हिसाब से लोगों को सुविधाएं दी जा रही हैं.


 नोएडा को ये सर्टिफिकेट जरूर मिल गया है, पर जरूरत के मुताबिक अभी करीब दो- ढाई सौ कम्युनिटी टॉयलेट की जरूरत है। पूरे देश में मिनिस्ट्री ने 481 अर्बन लोकल बॉडी (अथॉरिटी, नगर निगम, नगर पालिका और अन्य) को अब तक ओडीएफ प्लस प्लस का तमगा दिया है,  इनमें से 18 यूपी के शहर भी शामिल हैं।


 बहरहाल,  नोएडा का अभी मुख्य मार्गों का ढांचा ही सुदृढ़ हुआ है। फ्लाई ओवरों के खंभों पर चित्रकारी किए गए हैं। बाहर- बाहर साफ सफाई भी काफी हुआ है, लेकिन शहर के आंतरिक ढांचा खासकर झुग्गी झोपड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इन स्थानों पर अभी भी बहुत काम बाकी है जिसे पूरा किए बिना स्मार्ट सिटी का सपना पूरा होना नोएडा के लिए मुश्किल होगा। फिर भी नोएडा में तेजी से काम हो रहा है और प्राधिकरण के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी बढ़ जाए तो यह कोई बड़ी मुश्किल काम नहीं है।