पिछड़ा वर्ग आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने दिया आयोग के चेयरमैन को ज्ञापन

**    सांकेतिक धरना व प्रदर्शन कर आरक्षण ख़त्म  करने की साज़िश का किया विरोध



नई दिल्ली।  पिछड़ा वर्ग आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन भगवानलाल साहनी को ज्ञापन देकर क्रीमी लेयर लागू ना करने, पिछड़े वर्ग का आरक्षण ख़त्म करने की साज़िश रचने से बाज आने और पिछड़े वर्ग की गिनती करवाकर इस वर्ग को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
समिति ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन  कर अपना विरोध भी जताया। समिति के संरक्षक सत्यपाल चोधरी, हनुमान वर्मा, सुरेन्द्र प्रजापति व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेगराज गुर्जर ने कहा कि पिछड़े वर्ग का आरक्षण खतम करने की साज़िश रची जा रही है। जो आरक्षण भारतीय संविधान के आर्टिकल 340 के प्रावधानों के मुताबिक 1950 में ही मिल जाना चाहिए था। वह पिछड़े समाज को 43 साल बाद मिला वो भी आधा अधूरा। वक्ताओं ने कहा कि पिछड़े वर्ग के लोगों की फूट और ऊंच नीच की भावना के कारण आज पिछड़ा वर्ग संसद और विधान सभाओं में आरक्षण से वंचित है।  आज ज्ञापन देकर संघर्ष की शुरुआत की गई है, आगे रणनीति बनाकर देश भर के पिछड़ों को जाति से ऊपर उठाकर एकजुट किया जाएगा और हक मिलने तक संघर्ष किया जाएगा। भाईचारा कायम करने के लिए कैडर शिविर आयोजित किए जाएंगे। सरकारी नौकरियों से वंचित करने के लिए सरकार सरकारी संस्थानों को बेचने में लगी है, इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि पिछड़ी जातियों की एकजुटता ही आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी हासिल कर सकती है। डॉ भीम राव अम्बेडकर, राममनोहर लोहिया, चो चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेताओ के बाद पिछड़ों का आंदोलन बिखर गया है, इसे पुनर्जीवित करके ही पिछड़े वर्ग के नौजवानों को हक दिलाए जा सकते हैं। हालांकि आज दिए गए ज्ञापन में क्रीमी लेयर पर ही फोकस किया गया। लेकिन भविष्य में इसे बड़ी लड़ाई में तब्दील किया जाएगा।


इस अवसर पर मीडिया प्रभारी चौधरी बीसी प्रधान, धीरसिंह सैनी,लाटसहाब लोहिया एडवोकेट,प्रथ्वीसिंह, कोशिंदर यादव, ईंदर यादव सुरेश प्रजापति, रजबीर मुखिया, रामलाल सेन, हरमिन कश्यप , गुरेन्दर चौधरी सहित दिल्ली, उप्र, हरियाणा, पंजाब तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश राजस्थान सहित कई राज्यों से लोग मौजूद थे।