शहीद चंद्रभान चौरसिया को दी गई सम्मान जनक अंतिम विदाई

शहीद हुए चंद्रभान चौरसिया को सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, लोगों की आंखें हुई नम, उमड़ा जन सैलाब
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐



कुशीनगर। जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में शहीद हुए सेना के जवान चंद्रभान का पार्थिव शरीर पांचवें दिन उनके पैतृक गांव पहुंचा। जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया। देवांगन ताल के बगल में चिह्नित भूखंड पर सजी चिता में मुखाग्नि शहीद के बड़े भाई उदयभान चौरसिया ने दी। इससे पहले शहीद के परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ गए। देर रात काफी मनाने के बाद परिजन राजी हुए और दाह संस्कार शुरू हुआ।


कुशीनगर के सेवरही थाना क्षेत्र के ग्राम दुमही के चंद्रभान चौरसिया (27) पुत्र रामवल्लम चौरसिया वर्ष 2015 में सेना में भर्ती हुए थे। चंद्रभान सेना के नर्सिंग स्टाफ डयूटी में थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में थी। सोमवार की रात जम्मू कश्मीर में आए बर्फीले तूफान की चपेट में आकर चंद्रभान शहीद हो गए। मंगलवार सुबह आर्मी बेस से जब उनके निधन की खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। बता दें कि चंद्रभान अभी नवंबर में ही छुट्टी पर घर आए थे, होली में फिर घर आने का परिजन से वादा किया था।


खराब मौसम के चलते शहीद का शव पांचवे दिन हवाई मार्ग से वाराणसी आया और वहां से सड़क मार्ग द्वारा शुक्रवार की शाम को घर पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए दरवाजे पर जवार उमड़ पड़ा था। शव पहुंचते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। शहीद की पत्नी शव पर पछाड़ खाकर गिर पड़ी। मां-बाप के आंसू तो जैसे आंखों में ही सूख गए थे। कुछ देर बाद अधिकारियों ने जब दाह संस्कार की बात कही तो अचानक परिजन का मिजाज बदल गया और सभी मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ गए।


मौके पर मौजूद जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों के समझाने के बाद भी परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने, आश्रित को नौकरी तथा परिजनों को शहीद की सारी सुविधाएं देने की मांग पर अड़े रहे। बाद में डीएम और एसपी के समझाने और आश्वासन के बाद परिजन दाह संस्कार को राजी हुए और देर रात शव का दाह संस्कार शुरू हुआ।