31 मार्च तक कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव व भीड़ पर नियंत्रण हेतु रेलवे ने 2400 पैसेंजर व 1300 एक्सप्रेस ट्रेनें की रद्द

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को मात देने के लिए सरकार बड़े से बड़े कदम उठाने में नहीं हिचक रही है। आम जनता की परेशानी है, बावजूद कोरोना वायरस से लड़ना भी जरूरी है। सरकार कोरोना वायरस से आम जनता को बचाना चाहती है। साथ ही साथ इसका फैलाव देश के हर भागों में न हो इसका ख्याल करते हुए सरकार द्वारा व्यापक व ठोस कदम भी उठाए जा रहे हैं। सरकार के  पूरा तंत्र जनता को समझाने में जुटी हुई है। लेकिन अफवाहों से लोग इतर होते हुए अपने स्थान से भागना चाहते हैं जिसे सरकार रोकना चाहती है। आवागमन के कई बड़े साधनों के बंद होने से रेलवे पर दबाव काफी बढ़ गया था। इस लिहाज से रेलवे ने आज एक बड़ा और कड़ा फैसला ले लिया है।



कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए रेलवे ने  आज बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने 31 मार्च तक के लिए सभी पैसेंजर ट्रेनों को कैंसल कर दिया है। रेलवे ने बयान जारी कर बताया है कि 22 मार्च की आधी रात से 31 मार्च की आधी रात तक केवल मालगाड़ियां चलेंगी।


देश में कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित जनता कर्फ्यू के मद्देनजर आज कोई भी ट्रेन नहीं चल रही है। बीती रात से ही आज रात दस बजे के बीच किसी भी स्टेशन से कोई यात्री ट्रेन सफर शुरू नहीं हो सकी है। कोरोना वायरस के चलते गैर-जरूरी यात्रा पर रोक लगाने के मकसद से रेलवे ने तकरीबन चार हजार ट्रेनों को कैंसिल किया है। इसमें 2,400 पैसेंजर ट्रेन और 1300 एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं।