7 अप्रैल तक सभी लेबर/ मजदूरों का बिना कटौती किये वेतन भुगतान कर देना होगा : डीएम

नोएडा। कोविड-19 से लड़ने के लिए गौतम बुद्धनगर जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं। आज जिलाधिकारी सुहास एलवाई तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ए पी चतुर्वेदी ने नोएडा के सेक्टर छह स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में पत्रकारों से मुखातिब हुए।



इन दोनों अधिकारियों ने जिले में कोरोना वायरस से निपटने के लिए अपनी- अपनी रणनीति पेश की। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि अब तक जिले के जिन हाउसिंग सोसायटी और गांव में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज पाए गए हैं, उन सभी आवासीय परिसरों में एक-एक डॉक्टर को नियुक्त किया गया है। वहां यह डॉक्टर स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरतों पर नजर रखेंगे। वहां किसी भी तरह की कोई नई परेशानी होने पर तत्काल जिला प्रशासन और सरकार को अवगत कराएंगे।


उन्होंने बताया कि जिले में एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है जो 48 घंटे के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। इस नियंत्रण कक्ष में विशेषज्ञ चिकित्सकों और विभागों के अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी जो कॉलर की सारी जानकारियां और सूचनाएं दे सकेंगे।


उन्होंने बताया कि अभी तक जिले में अलग-अलग चल रहे कॉल सैंटरो के सापेक्ष यह एकीकृत नियंत्रण होगा जिससे लोगों को किसी तरह की भ्रांति नहीं रहेगा और सटीक जानकारी मिल सकेगी।


जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 800000 लेबर/ मजदूर तबके के लोग रहते हैं।  यहां 4500 फैक्ट्रियां हैं जिसमें 600000 मजदूर/ लेबर काम करते हैं।उन्हें समय से वेतन हर हाल में मिले। 7 अप्रैल तक उनका वेतन भुगतान कर देना होगा। आज इसे फिर दोहराया गया है। उसमें वेतन कटौती न किया जाए।


जिलाधिकारी ने बताया कि गौतबुद्ध नगर के श्रम विभाग में रजिस्टर्ड 11,853 मजदूरों को एक-एक हजार रुपयेउनके खाते में भेजा गया है। इस धनराशि से वे अपनी दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभी और लोगों को चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है, जो जरूरतमंद हैं। उनमें ऑटो रिक्शा चालक और मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्हें भी धनराशि मुहैया कराया जाएगा।


डीएम ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में  1076 कामगार महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में रजिस्टर्ड हैं। इन लोगों के बैंक अकाउंट में भी ₹1000 ट्रांसफर किया गया है।


डीएम ने बताया कि कोरोना से संबंधित कोई भी सूचना/लक्षणों के मिलने पर तत्काल रिस्पांस करने के लिए 14  रैपिड रिस्पांस टीम में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक टीम के पास अलग-अलग एंबुलेंस रहेंगे। जैसे ही सूचना मिलेगी उस इलाके की निकटवर्ती टीम तत्काल पहुंच जाएगी।