लॉकडाउन पर जन सहयोग दे रहे लोगों का चालान काटने पर उठ रहे सवाल

नोएडा। लॉकडाउन पर जहां स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, प्रशासन के अधिकारियों व पुलिसकर्मियों का योगदान कोरोना योद्धा के रूप में देखा जा रहा है, तो ऐसे मौके पर समाज सेवकों का योगदान भी उनसे कम नहीं है। आज इनके सेवाओं से ही लॉकडाउन की सफलता भी टिकी हुई है। पर, पुलिस द्वारा इनके जन कार्यों में व्यवधान तक डाला जा रहा है। ठीक है पुलिस का कार्य है, लॉकडाउन का पालन कराना है, पर उन्हें भी देखना है कि जो जनता की भीड़ को रोकने के लिए राशन, भोजन आदि का प्रबंध कर रहे हैं, उन्हें भी चालान कर कौन- सी शाबाशी की बात है !


शहर के समाजसेवी मनीष गुप्ता जो कोरोना के सामाजिक योद्धा हैं, उन्हें रोककर गाड़ी का चालान काट दिया गया। वे समझाते रहे, लेकिन ट्रैफिक पुलिस नहीं मानी। मनीष गुप्ता ने बताया कि वे भूल से जल्दी में सीट बेल्ट लगाना भूल गए थे। 


उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में कौन बनेगा मंत्री जी के आँखो का तारा बनेगा, किन अधिकारियो ने ज्यादा से ज्यादा  गाड़ियों के चालान काटे, किन अधिकारियो ने आम जनता को लॉकडाउन में घरो से बाहर नहीं निकलने दिया, किन  अधिकारियो ने ज्यादा से ज्यादा सरकार द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करवाया। बस, लगता है कि किसी तरह मंत्री जी को ख़ुश रखा जाये। आजकल जब सभी जगह लॉकडाउन है, तो इस लॉकडाउन में जो भी समाज के लोग प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, उन्हें आजकल ट्रैफिक पुलिस द्वारा सीट बेल्ट हो या हेलमेट के लिए उनके भी चालान काटे जा रहे हैं,  वे धन्यवाद के पात्र हैं, और ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों का धन्यवाद करता हूँ, जो इतनी ईमानदारी से लोगों की गाड़ियों के चालान काट रहे हैं, वो भी लॉकडाउन के समय में। उन्होंने जरूर कहा कि हम चालान तो भर देंगे, लेकिन जो हम सेवा दे रहें हैं, उसमें हिम्मत जबाब दे देगा। हालांकि जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद भी कुछ ट्रैफिक पुलिस कर्मी ज्यादती ही कर रहे हैं।