एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने उद्यमियों से श्रमिकों को सहयोग करने की भावुक अपील की, जरूरतमंदों को सहयोग में बढ़े सबका हाथ

नोएडा। नोएडा की सबसे बड़ी औद्योगिक संस्था एनईए के अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने सभी औद्योगिक इकाइयों के स्वामियों, प्रबंधकों  से भावुक अपील  किया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की इस त्रासदी में श्रमिक परिवारों को अपना अभिन्न अंग मानते हुए इनके घर में रोजी- रोटी, दवाई अथवा किसी प्रकार की यदि कोई समस्या हो, तो इन्हें मदद पहुंचाने में आगे बढ़ें। 



उन्होंने कहा कि उद्यमी सोच रहे होंगे कि हम इस माह का वितरण कैसे करेंगे?  इस बाबत उन्होंने सरकार, मंत्रियों और अफसरों को उद्यमियों की स्थिति से अवगत कराया गया था, लेकिन उनके पास सरकार से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में श्रमिक उद्यमी परिवार के ही अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा है कि उनकी समस्याओं को देखते हुए कुछ एमाउंट उनके घर में पहुंचाएं ताकि उनका जीवन इन चीजों से कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि उद्यमी आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं और उनकी स्थिति ठीक नहीं है। बैंकों का लोन, ब्याज देेने के बाद भी, हमें अपने इस परिवार का ख्याल रखना है और उन्हें यथा सहयोग, मदद के लिए हाथ बढ़ाना है।


विपिन मल्हन ने एक अच्छी पहल की है और इसका अनुसरण करते हुए जिले के सभी औद्योगिक इकाइयों, सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों अथवा जितने भी संस्थान हैं सबको श्रमिकों की मदद में आगे आना चाहिए। क्योंकि सबसे बड़ी विषमता और सबसे बड़ी भयावह स्थिति उन श्रमिकों का है जो आज न घर के हैं, न घाट के हैं। बामुश्किल किसी तरह जिंदा लाश बनकर रह गए हैं। अगर ऐसे में इन्हें सहयोग नहीं पहुंचाया गया तो वे भूखे मरेंगे, क्योंकि भारत जो सदैव से उदारता के लिए जाना जाता है। वसुधैव कुटुंबकम का उद्घोष सनातन युगों से किया जाता रहा है। ऐसे में श्रमिकों को हर हाल में सहयोग करना चाहिए। अगर सभी उद्यमी, सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान या सभी संस्थाएं जो श्रमिकों से कार्य लेते हैं, उन्हें मानव हित में किसी विवाद में न पड़कर, किसी सोच में न उलझकर उन्हें मदद करना चाहिए।


अगर आज आप उनको मदद करते हैं तो वे आपके रहेंगे, आप उनके रहेंगे और एक बार फिर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान को आप आगे बढ़ाकर फिर वही मुकाम हासिल कर सकते हैं।  जो लॉकडाउन से पहले की स्थिति थी, वह हटने के बाद दुबारा स्थित बहाल होगा, ऐसा मेरा मानना है।


राष्ट्रीय शान परिवार भी आपसे यही अपील कर रहा है कि सभी लोग जिनके पास सहयोग करने की माद्दा हो और यदि ईश्वर ने आपको कुछ दिया है, देने लायक बनाया है, तो स्वार्थ भावना का त्याग कर परमार्थ की ओर आगे बढ़े। श्रमिक ही नहीं, बड़े पैमाने पर मजदूर भी फंसे हुए हैं। कई अन्य वर्गों के लोग भी इस भीषण त्रासदी से जूझ रहे हैं। ऐसे में मानवता को जिंदा रखना है। उन्हें आगे बढ़ाना है। जो समस्याएं आई है, उसका शिकवे शिकायत से कुछ हाथ लगने वाला नहीं है। भविष्य को देखते हुए, भविष्य को जिंदा रखते हुए उन्हें मदद में हाथ बढ़ाएं। उन्हें सहयोग दें। एक व्यक्ति अगर दूसरे व्यक्ति के प्रति सहयोग का हाथ बढ़ाएगा, तो निश्चित है कि कोरोना महामारी जैसे त्रासदी को हम हंसते हंसते झेल जाएंगे। सरकार क्या कर रही है, क्या करेगी, आदि मुद्दों से अलग हटकर हमें अपने आस-पड़ोस का भी ख्याल रखना है और उन्हें आर्थिक विषमता से बाहर निकाल कर उन्हें जिंदा रखना है और मदद पहुंचाना है।


खासकर मकान मालिकों से भी हाथ जोड़कर निवेदन है कि इस कोरोना महामारी के भयानक त्रासदी में वे भी मानव हित को ध्यान में रखकर यथा सहयोग मदद करें। यदि किसी  किरायेरदार के पास किराया देने की क्षमता न हो तो उसे परेशान या टॉर्चर न करें। यदि किसी के पास खाने के लाले पड़ गए हों तो उन्हें भी आप राशन सामग्री आदि देकर मदद करें, क्योंकि वे भी आपके परिवार के ही एक हिस्सा हैं। बाद में स्थिति के सुधरने पर फिर पूर्वक वही स्थिति चलता रहेगा।जय हिंद, जय भारत।