जनपद गौतमबुद्ध नगर में शुरू हुआ नियमित टीकाकरण अभियान

रिपोर्ट : संवाद सूत्र


**       आंगनबाड़ी- एएनएम उपकेंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों का होगा टीकाकरण
**        जनपद में कोविड प्रोटोकॉल के साथ फिलहाल देहात क्षेत्र में अभियान शुरू करने की तैयारी, रेडजोन में फिलहाल नहीं



नोएडा।  पूरे देश में लॉक डाउन के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां पिछले करीब डेढ़ माह से बाधित हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम पर भी रोक लगी रही। अब शासन ने बुधवार 6 मई से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जहां संभव हो, टीकाकरण अभियान शुरू करने के आदेश दिए हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. नेपाल सिंह ने बताया शासनादेश के मुताबिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। टीकाकरण अभियान पहले देहात क्षेत्र में शुरू किया गया जाएगा, जहां कोविड संक्रमण के मामले कम हैं। अभियान के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया फिलहाल रेडजोन में टीकाकरण नहीं किया जाएगा।



जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया गर्भवती महिलाओं को टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाएगा। यह अभियान अप्रैल माह में शुरू होना था लेकिन लॉक डाउन के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका। कार्ययोजना तैयार की जा रही है कि छूटे हुए टीकाकरण को कैसे जल्दी से जल्दी पूरा किया जाए। 


एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि विलेज हेल्थ एंड न्यूट्रीशियन डे (वीएचएनडी) के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाए। इसके साथ ही वीएचएनडी में शामिल होने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मी आवश्यक रूप से मॉस्क धारण करेंगे और हाथों में दस्ताने पहनेंगे। एएनएम उपकेंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले लाभार्थियों को भी इस बात की हिदायत दी गई है कि चेहरे पर मॉस्क या फिर कपड़ा बांधकर ही टीकाकरण के लिए पहुंचें। ऐसा न करने पर टीकाकरण संभव नहीं हो पाएगा। इसके साथ ही एक-दूसरे से कम से कम दो गज की दूरी पर ही खड़े हों। शासन स्तर से टीकाकरण के दौरान कोविड प्रोटोकॉल के संबंध में तीन दिन पूर्व हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जनपदों को जरूरी दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं।  

वीएचएनडी क्या होता है ?
सप्ताह में दो बार बुधवार और शनिवार को विलेज हेल्थ एंड न्यूट्रीशियन डे (वीएचएनडी) का आयोजन एएनएन उपकेंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर किया जाता है। इसमें एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की अहम भूमिका रहती है। इसके अलावा ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों का भी सहयोग रहता है। वीएचएनडी में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है।